चार मई को कौन बांटेगा झालमुड़ी और मिठाई! बंगाल में पहले फेज में बंपर वोटिंग ने तोड़े रिकॉर्ड
बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही इस उच्च मतदान को अपनी जीत का संकेत बता रहें है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बेलूर में एक रोड शो के दौरान, दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (ANI)
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 152 सीटों पर बंपर मतदान देखने को मिला |चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शाम 5 बजे तक राज्य में 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी ऊंचा है|
दोपहर 3 बजे तक मतदान 78.77 प्रतिशत पहुंच चुका था, जबकि दोपहर 1 बजे यह 62.18 प्रतिशत था. सुबह 11 बजे तक 41.11 प्रतिशत और सुबह 9 बजे तक 18.76 प्रतिशत मतदान हुआ था. इस चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर लगभग 3.6 करोड़ मतदाता (जिनमें करीब 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं) वोट डाल रहे हैं|
भाजपा ने इस उच्च मतदान को अपनी जीत का संकेत बताया है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मथुरापुर रैली में कहा, “बंपर मतदान दिखाता है कि भय (भोय) हार रहा है और भरोसा (भरोसा) जीत रहा है. दूसरी ओर, TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्च टर्नआउट को अपनी पार्टी की मजबूत पकड़ का प्रमाण बताया|
उन्होंने कहा कि इतना मतदान TMC की जीत की ओर इशारा कर रहा है | बहरहाल अंतिम नतीजे तो 4 मई को आएंगे, लेकिन शुरुआती रुझान दोनों प्रमुख दलों ,भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को सतर्क जरूर कर रहे हैं|
चुनाव आयोग के आंकड़े पश्चिम बंगाल में हुए रिकॉर्ड मतदान ने सभी पार्टियों के दावे प्रतिदावे को पंख लगा दिए हैं| भाजपा का दावा है कि यह मतदान ‘परिवर्तन’ की लहर का प्रतीक है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ‘भय के माहौल’ को तोड़ रहा है| दूसरी ओर, टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्च टर्नआउट को अपनी पार्टी की मजबूत पकड़ का प्रमाण बताया|
उन्होंने कहा कि इतना मतदान टीएमसी की जीत की ओर इशारा कर रहा है| टीएमसी ने मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर केंद्र पर आरोप लगाते हुए इसे ‘वोटर दमन’ का हिस्सा बताया था, लेकिन आज के मतदान ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है|
चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा और झाड़ग्राम जैसे जिलों में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में ईवीएम की खराबी और छोटी-मोटी घटनाओं की सूचना भी मिली | कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि मुर्शिदाबाद समेत कुछ जगहों पर हिंसा की अलग-अलग घटनाएं सामने आईं|
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2021 के चुनाव में इन सीटों पर अंतिम मतदान प्रतिशत करीब 82.70 प्रतिशत था, लेकिन इस बार शुरुआती घंटों से ही तेज रफ्तार दिखी. विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की भारी भागीदारी देखी गई| महिला मतदाताओं की अच्छी-खासी उपस्थिति भी नजर आई, जिससे कुल टर्नआउट बढ़ाने में मदद मिली. भाजपा नेताओं का दावा है कि, यह बंपर मतदान परिवर्तन की चाहत को दर्शाता है|
टीएमसी ने मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर केंद्र पर आरोप लगाते हुए इसे ‘वोटर दमन’ का हिस्सा बताया था, लेकिन आज के मतदान ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है | दोनों पार्टियों के बीच यह मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है | भाजपा ने 2021 के मुकाबले अपनी सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जबकि TMC सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है | दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे|