हम पाकिस्तान (Pakistan )और सीरिया में नहीं हैं:बजरंग दल
बेंगलुरु. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और उसकी युवा शाखा बजरंग दल ने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा के लिए होने वाले मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस के घोषणापत्र के विरोध में यहां ‘हनुमान चालीसा’ का जाप किया, जिसे बंद कराने के लिए पहुंची निर्वाचन आयोग (ईसी) की टीम से उनकी बहस हो गई.
‘हनुमान चालीसा’ का पाठ कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आयोग के अधिकारियों से कहा, ‘हम जाप क्यों बंद करेंगे… यह पकिस्तान या तालिबान है क्या, यहां कोई राजनीति नहीं है… भगवान की पूजा करने के लिए किसी की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. मैं हिंदुस्तान में हूं, पकिस्तान (Pakistan ) और सीरिया में नहीं हूं.’
विहिप सदस्य अभिषेक का कहना है कि उन्हें और संगठन के अन्य सदस्यों को कर्नाटक चुनाव के लिए क्षेत्र में धारा 144 सीआरपीसी लगाने का हवाला देते हुए बेंगलुरु के विजय नगर में चुनाव आयोग की एक टीम ने हनुमान चालीसा का पाठ करने से रोक दिया.
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने वीएचपी सदस्यों से विजय नगर में एक मंदिर के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ रोकने को कहा क्योंकि इलाके में पांच से अधिक लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं है. इसके साथ ही आयोग ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अपना कार्यक्रम जारी रखा तो उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और उसकी युवा शाखा बजरंग दल ने 7 मई को कहा था कि उन्होंने कर्नाटक विधानसभा के लिए होने वाले मतदान से एक दिन पहले अर्थात नौ मई को पूरे देश में ‘हनुमान चालीसा’ के जाप का फैसला किया है. दोनों संगठनों का यह आह्वान पिछले सप्ताह जारी कांग्रेस पार्टी के घोषणा-पत्र में किये गये वादे के प्रतिक्रियास्वरूप आया था.
कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में कहा है कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. पार्टी ने कहा था, ‘हम मानते हैं कि कानून और संविधान पवित्र हैं और बजरंग दल, पीएफआई जैसे संगठनों या किसी अन्य द्वारा समुदायों के बीच दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा देकर इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है, भले वह बहुसंख्यक समुदाय हो या अल्पसंख्यक. हम ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने सहित कानून के अनुसार निर्णायक कार्रवाई करेंगे.’


