मरीज इलाज के लिए बैठे थे, अचानक गायब हो गई डॉक्टर

लंदन: ब्रिटेन के एक अस्पताल में जब मरीजों को डॉक्टर की जरूरत थी, तब वो आराम से कंबल लपेटकर खर्राटे मार रही थीं. मेडिकल ट्रिब्यूनल ने महिला डॉक्टरके इस आचरण को गैर-जिम्मेदार माना है. वहीं, उन्हें अस्पताल से भी निकाल दिया गया है. आरोपी डॉक्टर का नाम रायशाह सेवाती है. एक नर्स ने उन्हें अपने मरीजों को छोड़कर अस्पताल की बेंच पर सोते पाया था.
घटना वाले दिन 33 वर्षीय डॉक्टर रायशाह सेवाती ग्रेटर मैनचेस्टर के फेयरफील्ड अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर तैनात थीं. इस दौरान एक नर्स ने पाया कि डॉक्टर कहीं नजर नहीं आ रही हैं, जबकि मरीज उनके इंतजार में बैठे हैं. इसके बाद डॉक्टर की तलाश शुरू हुई. उनके लिए अनाउंसमेंट भी किया गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला.
इसके बाद जब नर्स उन्हें खोजते हुए फीमेल चेंजिंग रूम में पहुंची, तो उसे वहां बेंच पर कंबल लपेटकर कोई सोता हुआ नजर आया. कंबल हटाने पर नर्स ने पाया कि वो डॉक्टर रायशाह सेवाती हैं. नर्स ने मेडिकल प्रैक्टिशनर्स ट्रिब्यूनल सर्विससे अपने बयान में कहा कि उसने अपने करियर में पहला ऐसा मामला देखा है जब कोई डॉक्टर अपने मरीजों को छोड़कर सोने चला गया हो.
वैसे, ये कोई पहला मौका नहीं है जब डॉक्टर रायशाह सेवाती पर इस तरह के आरोप लगे हैं. 2012 में डिग्री हासिल करने वालीं सेवाती अपने गैर-जिम्मेदार आचरण को लेकर कई बार आलोचना झेल चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनमें कोई सुधार नहीं आया. 2015 में काम करने के दौरान वह दोपहर के वक्त ही ऑन-कॉल रूम में जाकर सो गई थीं. उन्होंने कमरे की बत्तियां भी बुझा दी थीं, ताकि कोई उन्हें देख न सके.
डॉक्टर सावती ने इसके लिए माफी जरूर मांगी, लेकिन इससे इनकार किया कि वो सो रही थीं. बाद में उनका तबादला फेयरफील्ड अस्पताल कर दिया गया, जहां वो फिर से सोते पाई गईं. सावती ने अपने बचाव में कहा कि एक सीनियर डॉक्टर उनके साथ शिफ्ट बदलने पर सहमत हुए थे, इसलिए वो आराम करने चली गई थीं. हालांकि, सीनियर ने सावती के दावे को झूठा करार दिया है. फिलहाल ने आरोपी डॉक्टर ने बर्खास्गती के फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है.





