टिड्डियां खाने की मिली परमिशन

यूरोपीय: बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा टिड्डियां होती हैं जो कि फसलों और खेती को पूरी तरह से बर्बाद कर देती हैं. लेकिन अब इससे निपटने के लिए यूरोपीय आयोग ने टिड्डियों को खाने के लिए मंजूरी दे दी है. इस परमिशन को मिलने के बाद अब इंसान नाश्ते में टिड्डियों का सेवन कर सकते हैं. आइए जानें, आखिर क्यों हुआ है ये.
इंसानों द्वारा टिड्डियों को खाना सुरक्षित है. इस तरह से अब यूरोपियन यूनियन की अप्रूव्ड फूड लिस्ट में टिड्डियां भी जुड़ गई हैं. ये दूसरी बार हुआ है जब कीड़ों को खाने के लिए सुरक्षित माना गया है. इससे पहले जून में यूरोपियन यूनियन ने बीटल के यैलो मीलवर्म लार्वा को खाने के लिए अधिकृत किया था.
यूरोपियन यूनियन ने ये भी बताया कि टिड्डियों को नाश्ते के रूप में या खाने के रूप में खाया जा सकता है. इसके अलावा इन्हें सूखे या फ्रोजन रूप में उनके पंखों और पैरों को हटाकर या पाउडर बनाकर भी खाया जा सकता है.
यूरोपीय फूड सेफ्टी अथॉरिटी का कहना है कि कीट प्रजातियों के वयस्क टिड्डों ‘माइग्रेटोरिया’ को बिना किसी सुरक्षा की चिंता के खाया जा सकता है. ऐसा इसीलिए है, क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है. हालांकि टिड्डों का सेवन करने से उन लोगों को बचना चाहिए जिन्हें क्रस्टेशियंस, माइट्स और मोलस्क से एलर्जी हो क्योंकि इससे उनकी एलर्जी ट्रिगर हो सकती है.
फूड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, इन कीड़ों में हाई फैट, प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और मिनरल्स हैं और साथ ही इनकी अत्यधिक पौष्टिक और स्वस्थ खाद्य स्रोत के रूप में पहचान की गई है.
आपको बताते चलें, टिड्डियां हर साल भारत सहित दुनिया के कई देशों में हजारों एकड़ फसलें बर्बाद कर देती हैं. ये आमतौर पर भारी बारिश होने पर पैदा होती हैं. ये टिड्डे कुछ ही घंटों में कई किलोमीटर की यात्रा करते हैं और हवा के रुख की ओर कहीं भी जा सकते हैं. ये ग्रुप बनाकर उड़ते हैं. इनके एक दल में तकरीबन 4 करोड़ टिड्डे शामिल होते हैं. ऐसे में जब ये फसल पर हमला करते हैं तो एक दिन में 35 हजार लोगों का एक दिन का खाना खा जाते हैं. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि टिड्डे फसलों को किस हद तक नुकसान पहुंचाते हैं.





