चांद के करीब पहुंचा चंद्रयान-3(चंद्रयान-3)
चंद्रयान-3: भारत का मिशन मून चंद्रयान-3 (चंद्रयान-3) चांद के बेहद करीब पहुंच चुकी है. चंद्रयान फिलहाल चांद के आखिरी ऑर्बिट में मौजूद है. चंद्रयान-3 चांद से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर है. इस बीच आज प्रोप्लशन मॉड्यूल से लैंडर अलग हो गया है. इसके साथ ही लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसरो ने कुछ देर पहले इसका औपचारिक ऐलान कर दिया. यानी कि अब चांद पर भारत के चंद्रयान-3 की लैंडिंग बस कुछ ही दिन दूर है.
इसरो ने ट्वीट कर बताया था कि चंद्रमा की 153 किलोमीटरx163 किलोमीटर की कक्षा में चंद्रयान-3 स्थापित हो गया, जिसका पहले से अनुमान लगाया गया था. इसके साथ ही चंद्रमा की सीमा में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई. चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को लॉन्चिंग के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था. इसके बाद इसने 6, 9 और 14 अगस्त को चंद्रमा की अगली कक्षाओं में प्रवेश किया और चांद के नजदीक पहुंचता गया. अगर 23 अगस्त को लैंडर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करता है तो ये भारत की बड़ी कामयाबी होगी.
14 जुलाई की लॉन्चिंग के बाद 5 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद की पहली ऑर्बिट में पहुंचा था. इसी दिन चंद्रयान-3 ने चांद की पहली तस्वीरें जारी की थीं. उसके बाद अब तक चार बार ऑर्बिट बदली गई है. पहला ऑर्बिट 164×18074 किलोमीटर का था. फिर 6 अगस्त को ऑर्बिट घटाकर 170×4313 किलोमीटर किया गया. इसके साथ ही चंद्रयान-3 चांद के दूसरे ऑर्बिट में चला गया. इसके बाद 9 अगस्त को तीसरी बार ऑर्बिट बदली गई. तब चंद्रयान चांद की सतह से 174×1437 किलोमीटर की ऑर्बिट में घूम रहा था.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा- देश के लिए गर्व की बात
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चंद्रयान-3 की इस सफलता पर न्यूज18 इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मिशन चंद्रयान-3 पूरी दुनिया के लिए अहम है. बता दें कि आज विक्रम लैंडर दोपहर में 1 बजकर 15 मिनट पर अलग हुआ था.
प्रोप्लशन मॉड्यूल से अलग हो गया लैंडर
इसरो ने औपचारिक ऐलान करते हुए बताया कि आज लैंडर चंद्रयान-3 के प्रोप्लशन मॉड्यूल से अलग हो चुका है. इसके साथ ही लैंडिंग की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है. बता दें कि चंद्रयान-3 चांद के आखिरी ऑर्बिट में मौजूद है.
चांद से महज 157 किलोमीटर दूर है चांद
चंद्रयान-3 चांद से अब महज 157 किलोमीटर दूर है. आज से चंद्रयान-3 की लैंडिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. चंद्रयान अब चांद के आखिरी ऑर्बिट में पहुंच चुका है. चंद्रयान के लिए आज अहम दिन है. क्योंकि प्रोप्लशन मॉड्यूल से अलग होगी.
आज दोपहर 1 बजे लैंडर होगा अलग
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लैंडर मॉड्यूल को अलग करने का काम दोपहर 1 बजे से 1.30 बजे के बीच होगा.
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत होगा पहला देश
चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग से भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा, जो संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन की कतार में शामिल हो जाएगा. हालांकि, अभी तक किसी अन्य देश ने कभी भी चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव को नहीं छुआ है.
जानें कितनी रह गई है चांद से चंद्रयान की दूरी
चांद के चारों तरफ चंद्रयान-3 के सारे ऑर्बिट मैन्यूवर पूरे हो चुके हैं. चंद्रयान-3 चंद्रमा की पांचवीं कक्षा में पहुंच गया है. यह 153 किलोमीटरx163 किलोमीटर की ऑर्बिट है. अब चंद्रयान का कोई ऑर्बिट नहीं बदला जाएगा. 5 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद की पहली ऑर्बिट में पहुंचा था. वहीं अब, विक्रम लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अपनी अलग यात्रा शुरू करेगा.
जानें मून मिशन चंद्रयान-3 की कीमत
चंद्रयान-3 की स्वीकृत लागत 250 करोड़ रुपये (लॉन्च वाहन लागत को छोड़कर) है. चंद्रमा की सतह पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग से भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा.





