हरियाणा :हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक उपयोग की जमीनों और बुनियादी सुविधाओं की सुरक्षा के लिए एक सख्त कानूनी ढांचा लागू किया है। इस नए प्रावधान का उद्देश्य अतिक्रमण और अवैध बदलावों पर प्रभावी रोक लगाना है।
सरकार के अनुसार, यह संशोधित कानून उन सभी सार्वजनिक संपत्तियों पर लागू होगा, जो कम से कम 20 वर्षों से आम लोगों की सेवा में हैं। इनमें सड़कें, रास्ते, नहरें, जल निकासी प्रणाली, सार्वजनिक भवन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं।
नए नियमों के तहत अब कोई भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी इन सार्वजनिक संसाधनों के स्वरूप में बदलाव नहीं कर सकेगी और न ही उनके उपयोग में बाधा डाल पाएगी। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और संपत्ति को उसकी मूल स्थिति में बहाल किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि समय के साथ इन संसाधनों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण बढ़े हैं, जिससे आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह कदम सार्वजनिक सुविधाओं की रक्षा और सुचारू उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।
यह कानून न केवल सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





