राहुल साहू,(Rahul Sahu,) ग्रीन कॉरिडोर बना भेजा गया अस्पताल
रायपुर/जांजगीर. छत्तीसगढ़ के गहरे बोरवेल में गिरे राहुल साहू का रेस्क्यू कर लिया गया है. राहुल (Rahul Sahu,) को फिलहाल टनल से बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचा गया. उसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बिलासपुर के अपोलो अस्पताल के लिए रवाना किया गया. टनल से बाहर लाते समय राहुल की आखें खुली नजर आईं. छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने इसको लेकर रात करीब 11:50 बजे एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा कि “माना कि चुनौती बड़ी थी, हमारी टीम भी कहां शांत खड़ी थी. रास्ते अगर चट्टानी थे तो इरादे हमारे फौलादी थे. सभी की दुआओं और रेस्क्यू टीम के अथक, समर्पित प्रयासों से राहुल साहू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. वह जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हो, ऐसी हमारी कामना है.”
जांजगीर के कलेक्टर जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि बताया कि राहुल के साथ एक सांप और मेढक भी बोरवेल में थे. इसकी वजह राहुल को लेकर चिंता बनी हुई थी. इससे पहले रात दस बजे के करीब छ्त्तीसगढ़ सीएमओ ने अपने एक ट्वीट में बताया था कि चट्टानों को हटाने के बाद अब बचाव दल बोरवेल तक पहुंच गया है और राहुल नज़र आने लगा है. पिछले 4 दिन से बचाव अभियान जारी था. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना और पुलिसकर्मियों सहित बचाव दल बच्चे तक पहुंचने के लिए समानांतर गड्ढे से सुरंग बनाई थी. एनडीआरएफ, सेना, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित 500 से अधिक कर्मी शुक्रवार शाम से व्यापक बचाव अभियान में जुटे हुए थे. राहुल साहू शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे मलखरोदा विकासखंड के पिहरिड गांव में अपने घर के पीछे में 68 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था.
बोरवेल में आ गया था सांप
छत्तीसगढ़ सीएमओ की ओर से मंगलवार की रात करीब सवा 11 बजे जारी एक ट्वीट में बताया गया कि “अंततः राहुल ने आंखे खोली. बचाव दल को देखकर राहुल ने प्रसन्नता जाहिर की और अपनी आंखें खोली है. इस ऑपरेशन में एक चौंका देने वाली घटना घटी, आज शाम उस बोरवेल में एक सांप आ गया था, लेकिन राहुल की जीवटता से वह खतरा भी टल गया.”
चट्टान बन रहा था रोड़ा
छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरा हो गया है. करीब 105 घंटे बाद बोरवेल में गिरे राहुल साहू को बाहर निकाल लिया गया है. मंगलवार की रात करीब 10:45 बजे बोरवेल से निकालने के बाद चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने राहुल की प्राथमिक जांच की. इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसे अस्पताल रवाना करने की तैयारी पूरी कर ली गई. रेस्क्यू ऑपरेशन में शासन-प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने काम किया. 60 फीट तक गड्ढा करने के बाद 22 फीट का टनल बनाया गया. इस टनल के जरिए काफी मशक्कत के बाद राहुल को बाहर निकाला गया. टनल की खुदाई बीते रविवार से ही शुरू की गई थी, लेकिन चट्टानें बार-बार रोड़ा बन रहीं थीं.


