पंजाब
लुधियाना में राष्ट्रीय ध्वज की बदहाल स्थिति पर उठे सवाल, शहीद स्थलों पर भी लापरवाही उजागर
जगराओं पुल पर फटा तिरंगा मिलने के बाद कई स्थानों पर खराब हालत का खुलासा, नागरिकों में नाराजगी
Punjab:पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में राष्ट्रीय प्रतीकों ( राष्ट्रीय ध्वज )की देखरेख को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। जगराओं पुल पर फटे हुए राष्ट्रीय ध्वज का मामला सामने आने के बाद अब शहर के कई अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी तिरंगे की खराब स्थिति उजागर हो रही है।
यह मामला इसलिए और भी संवेदनशील बन जाता है क्योंकि जगराओं पुल पर देश के महान क्रांतिकारियों—भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन शहीदों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, ऐसे में उनके सम्मान से जुड़े राष्ट्रीय ध्वज की अनदेखी लोगों को आहत कर रही है।
स्थानीय नागरिकों में इस मुद्दे को लेकर गहरा रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जिन वीर सपूतों ने देश के लिए सब कुछ बलिदान कर दिया, उनके स्मारकों पर लगे ध्वजों की सही देखरेख न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न केवल लापरवाही है, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय भी है।
सूत्रों के अनुसार, शहर के कई चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे राष्ट्रीय ध्वज समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कहीं तिरंगे फट चुके हैं तो कहीं उनके रंग फीके पड़ गए हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण और रखरखाव की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान बनाए रखना हर नागरिक और प्रशासन की जिम्मेदारी है। समय-समय पर ध्वज को बदलना और उसकी स्थिति की जांच करना आवश्यक है, ताकि उसकी गरिमा बनी रहे।
अब नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में लगे सभी राष्ट्रीय ध्वजों का सर्वे कर जल्द से जल्द उन्हें ठीक किया जाए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।