पंजाब

पंजाब विजिलेंस रिश्वत कांड: ‘13 लाख साहब को जाने हैं’, CBI के दावे से मचा हड़कंप

व्हाट्सएप चैट और महंगे मोबाइल फोन की मांग का भी खुलासा

Punjab: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े कथित 20 लाख रुपये के रिश्वत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार पंजाब विजिलेंस के डीजीपी के रीडर ओपी राणा ने शिकायतकर्ता से कहा था कि “13 लाख रुपये साहब तक पहुंचाने हैं”, जबकि उसने अपने लिए केवल एक महंगा मोबाइल फोन मांगा था।

मामले की सुनवाई मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में हुई, जहां एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि आरोपितों और ओपी राणा के बीच हुई व्हाट्सएप चैट भी जांच में सामने आई है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि कथित तौर पर गिफ्ट के रूप में मांगे गए सैमसंग गैलेक्सी Z Fold-7 मोबाइल फोन के रंग को लेकर भी बातचीत हुई थी।

सीबीआई के मुताबिक इस पूरे मामले में रिश्वत के जरिए विजिलेंस जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी ने अदालत से कहा कि गिरफ्तार आरोपितों का ओपी राणा के साथ आमना-सामना कराकर पूछताछ करना जरूरी है, ताकि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

मुख्य आरोपित ओपी राणा फरार

सीबीआई ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपित ओपी राणा फिलहाल फरार है। जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी करवाए हैं। वहीं अदालत ने बिचौलिये विकास उर्फ विक्की गोयल और उसके बेटे राघव गोयल को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।

इस मामले में गिरफ्तार तीसरे आरोपित अंकित वाधवा को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं।

कई बड़े अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में

सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि इस कथित रिश्वत कांड में कई बड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सीबीआई अब वित्तीय लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

सीबीआई ने यह मामला श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट निवासी और स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके खिलाफ पंजाब विजिलेंस में आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी शिकायत लंबित थी।

आरोप है कि विकास गोयल और उसका बेटा राघव गोयल खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताते थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि पैसे देकर उसका मामला बंद करवाया जा सकता है।

सीबीआई के अनुसार शुरुआत में 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन बाद में सौदा 13 लाख रुपये नकद और एक प्रीमियम स्मार्टफोन पर तय हुआ।

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