नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-2 ), लखनऊ की वर्ष 2026 की प्रथम छमाही बैठक एवं राजभाषा कार्यशाला का आयोजन !
लखनऊ -: ( 25.06.2026 )- : नगर राजभाषा को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-2), लखनऊ की वर्ष 2026 की प्रथम छमाही बैठक का आयोजन श्री राजिन्दर कुमार, अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष, उत्तरी क्षेत्र भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा अध्यक्ष, नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अजय कुमार चौधरी, सहायक निदेशक (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, भारत सरकार उपस्थित रहे।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र
श्री ओम प्रकाश, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी तथा सदस्य सचिव, नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ सहित सदस्य कार्यालयों के विभागाध्यक्षों, कार्यालय प्रमुखों, राजभाषा अधिकारियों, सहायक निदेशकों (राजभाषा) एवं हिंदी अधिकारियों ने बैठक में सहभागिता की। इस बैठक के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया गया। तत्पश्चात पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि एवं उस पर की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई।
इसके उपरांत राजभाषा नीति एवं वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-2), लखनऊ बैठक के दौरान श्री ओम प्रकाश, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी तथा सदस्य सचिव, नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ द्वारा सदस्य कार्यालयों की छमाही प्रगति रिपोर्टों की मदवार समीक्षा प्रस्तुत की गई।
समीक्षा के अंतर्गत धारा 3(3) के अनुपालन, राजभाषा नियम-5 के अंतर्गत हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर, हिंदी पत्राचार, फाइलों पर हिंदी टिप्पणियां, हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन, राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की बैठकें, हिंदी प्रशिक्षण, हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण, राजभाषा नियम-11 के अनुपालन, पत्रिकाओं के प्रकाशन, हिंदी पुस्तकों की खरीद तथा सूचना प्रबंधन प्रणाली में तिमाही रिपोर्टों की प्रविष्टियों की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ द्वारा प्रकाशित राजभाषा पत्रिका “आयुषवाणी” प्रथम अंक का विमोचन श्री राजिन्दर कुमार, अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष, उत्तरी क्षेत्र तथा अध्यक्ष, नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ, श्री अजय कुमार चौधरी, सहायक निदेशक (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, श्री ओम प्रकाश, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी तथा सदस्य सचिव, नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ तथा डाँ. संजय कुमार सिंह, केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के प्रमुख द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने पत्रिका के प्रकाशन की सराहना करते हुए इसे राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-2), लखनऊ की इस बैठक के अतिरिक्त भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र द्वारा एक राजभाषा कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला के संसाधन वक्ता डॉ. अंजनी कुमार पाण्डेय, सचिव, नराकास तथा मुख्य प्रबंधक (राजभाषा), इंडियन बैंक रहे। उन्होंने “माननीय संसदीय राजभाषा समिति की प्रश्नावली एवं निरीक्षण से संबंधित तैयारियां” विषय पर अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने संसदीय राजभाषा समिति द्वारा पूछे जाने वाले विभिन्न बिंदुओं, निरीक्षण की प्रक्रिया, कार्यालयों द्वारा की जाने वाली पूर्व तैयारियों, अभिलेखों के संधारण, राजभाषा प्रगति से संबंधित आँकड़ों के संकलन तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ के सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। उपस्थित प्रतिभागियों ने विषयवस्तु को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताते हुए इसे संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षणों की तैयारी हेतु अत्यंत लाभकारी बताया। मुख्य अतिथि श्री अजय कुमार चौधरी ने अपने उद्बोधन में केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नराकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा सदस्य कार्यालयों से राजभाषा संबंधी प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन हेतु सतत प्रयास करने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री राजिन्दर कुमार ने सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा हिंदी के संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा सभी कार्यालयों से वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों के अनुरूप कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आग्रह किया। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी मंच संचालन श्री अखिलेश सिंह, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत राष्ट्रगान के साथ बैठक एवं कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

