उत्तराखंड

टिहरी में पर्यटकों की सुरक्षा से समझौता नहीं, मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल सील

मूल्यागांव स्थित साहसिक पर्यटन स्थल पर निरीक्षण के दौरान आपातकालीन चिकित्सा उपकरण और पार्किंग व्यवस्था में कमियां मिलने की रिपोर्ट। प्रशासन ने संचालन पर रोक लगाई।

नई टिहरी, 16 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के टिहरी जिले में साहसिक पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कीर्तिनगर क्षेत्र के मूल्यागांव स्थित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल को सुरक्षा मानकों में कथित खामियां मिलने के बाद सील कर दिया गया। प्रशासन के निरीक्षण में आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की कमी और पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।

निरीक्षण के दौरान क्या मिला?

रिपोर्ट के अनुसार, उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा, पर्यटकों के वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़े किए जाने की समस्या सामने आई।

बंजी जंपिंग एक जोखिम वाली साहसिक गतिविधि है, जिसमें सुरक्षा उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की विशेष भूमिका होती है। ऐसी गतिविधियों के संचालन में छोटी-सी लापरवाही भी पर्यटकों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए निरीक्षण में सामने आई कमियों को प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा से जोड़कर देखा।

प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि प्रशासन ने स्थल के संचालन पर रोक लगाते हुए उसे सील कर दिया। सील की गई संपत्ति को जंप मास्टर अनूप सिंह की सुपुर्दगी में दिए जाने और सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक सील से छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश की जानकारी भी सामने आई है।

प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया गया है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमति के बिना साहसिक गतिविधियां संचालित न हों। हालांकि, स्थल को दोबारा खोलने की अनुमति, आगे के निरीक्षण और सुधारात्मक कदमों की स्थिति की पुष्टि प्रशासन के नवीनतम आदेशों से की जानी चाहिए।

साहसिक पर्यटन में सुरक्षा क्यों जरूरी?

उत्तराखंड में पहाड़, नदियां और प्राकृतिक स्थल पर्यटन का प्रमुख आकर्षण हैं। बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इन गतिविधियों से स्थानीय रोजगार और पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलता है, लेकिन इसके साथ पर्यटकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ी रहती है।

किसी साहसिक पर्यटन स्थल पर प्रशिक्षित कर्मियों, उपयुक्त उपकरणों, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और बचाव व्यवस्था का होना जरूरी है। स्थल की प्रकृति के अनुसार जोखिम का आकलन, उपकरणों का नियमित परीक्षण और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण है। पर्यटकों को गतिविधि शुरू करने से पहले सुरक्षा निर्देशों की जानकारी दी जानी चाहिए।

पार्किंग और सड़क सुरक्षा का पहलू

इस मामले में पार्किंग व्यवस्था की कमी भी सामने आई है। यदि पर्यटकों के वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अनियंत्रित ढंग से खड़े हों, तो इससे यातायात बाधित हो सकता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्गों तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है।

स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए आवश्यक है कि पर्यटन गतिविधियों को अनुमति देने और उनकी निगरानी के दौरान सुरक्षा तथा बुनियादी सुविधाओं की जांच करें। संचालकों को भी आवश्यक सुधार समय पर करने चाहिए।

निष्कर्ष: टिहरी में बंजी जंपिंग स्थल को सील किए जाने की कार्रवाई साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानकों के महत्व को सामने लाती है। आगे की स्थिति प्रशासन के निरीक्षण, सुधारात्मक कार्रवाई और आधिकारिक अनुमति पर निर्भर करेगी।

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