Punjab:झारखंड से जुड़ी बड़ी खबर में Supreme Court of India(Supreme Court of India ) ने पूर्व आईएएस अधिकारी Vinay Chaubey को सशर्त जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें गवाहों को प्रभावित नहीं करने और जांच में पूरा सहयोग देने की शर्त पर दी गई है।
यह मामला वर्ष 2009-10 से जुड़ा है, जब चौबे Hazaribagh में उपायुक्त (DC) के पद पर तैनात थे। सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई जस्टिस बी.वी. नागरथना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ में हुई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि इसी मामले में अन्य आरोपियों—विजय प्रताप सिंह और सुधीर कुमार सिंह—को पहले ही जमानत मिल चुकी है। दोनों को इस केस में लाभार्थी बताया गया है।
इससे पहले Jharkhand High Court की एकलपीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी कर रहे थे, ने 6 जनवरी को चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए उस समय राहत देने से इनकार किया था।
मामले की शुरुआत अगस्त 2025 में दर्ज एफआईआर से हुई थी, जब एसीबी (Anti-Corruption Bureau) ने सेवायत भूमि की कथित अनियमित खरीद-बिक्री को लेकर केस संख्या 9/2025 के तहत जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें पद के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि Vinay Chaubey 20 मई 2025 से जेल में बंद थे। उनकी गिरफ्तारी शराब घोटाले से जुड़े मामले में हुई थी। एसीबी द्वारा उनके खिलाफ कुल चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।





