उत्तर प्रदेश

एचसीएल-फॉक्सकॉन से लेकर अवाडा और अंबर तक, दिग्गज कंपनियों ने निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को चुना !

लखनऊ -: ( 07 अगस्त, 2026) – : उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेज़ी से उभरते विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और बेहतर इकोसिस्टम व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए एचसीएल-फॉक्सकॉन, अवाडा इलेक्ट्रो, एंबर एंटरप्राइजेज, एसएईएल सोलर, ओरियाना पावर, सीईएससी ग्रीन, आईबी सोलर और एसेंट के सर्किट जैसी देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों ने गौतम बुद्ध नगर में अपने नए संयंत्र स्थापित करने व विस्तार करने का निर्णय लिया है। यह भारी निवेश राज्य के प्रति उद्योग जगत के अटूट विश्वास का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश में निवेश की इस तेज़ी का एक बड़ा कारण राज्य का निवेश अनुकूल माहौल रहा है। इसके तहत औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन (आईआईईपी) नीति-2022, एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 तथा सेमीकंडक्टर नीति-2024 जैसी क्षेत्र विशिष्ट नीतियों के माध्यम से सहायता दी जा रही है। परियोजनाओं की जरूरतों के अनुसार प्रोत्साहन देकर और तत्काल सहायता सुनिश्चित करके राज्य ने ऐसी अनुकूल परिस्थितियों को बनाया है जिसके चलते वैश्विक और घरेलू निर्माता भरोसे और दक्षता के साथ एक साथ काम कर रहे हैं। इन आठ कंपनियों में से छह को आईआईपी 2022 के तहत सहायता मिली है, जबकि एसेसेंट सर्किट को एफडीआई नीति 2023 और एचसीएल फ़ॉक्सकॉन (इंडिया चिप प्रा0लि0) को सेमीकंडक्टर नीति 2024 के तहत लाभ मिला है। एचसीएल-फॉक्सकॉन से लेकर अवाडा और अंबर तक, दिग्गज कंपनियों ने निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को चुना

  • निवेशक-अनुकूल नीतियों, प्रोत्साहनों और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे ने उत्तर प्रदेश को बनाया उद्योगों की पहली पसंद
  • 8 बड़ी कंपनियों के निवेश से 25,000$ रोजगार, उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

औद्योगिक विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार निवेश की इस लहर में सबसे आगे अवादा इलेक्ट्रो लिमिटेड है जिसने उत्तर प्रदेश में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए ₹16,139 करोड़ का निवेश किया है। इस परियोजना से अकेले लगभग 7,400 नए रोजगार की उम्मीद है, जो राज्य को भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में प्रमुखता से स्थापित करती है। वही एसएईएल सोलर प्राइवेट लिमिटेड है, जिसने ₹8,000 करोड़ का निवेश किया है और लगभग 7,760 नए रोजगार होंगे। इससे उत्तर प्रदेश की पहचान एक नए  ऊर्जा विनिर्माण केंद्र के रूप में और मजबूत हुई है।

इसी क्रम में ओरियाना पॉवर लिमिटेड ने ₹4,500 करोड़ और सीएससी ग्रीन पॉवर लिमिटेड ने ₹3,805 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। जो की प्रदेश के तेजी से बढ़ते हरित ऊर्जा परिस्थितियों में निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। वही दूसरी ओर सेमीकंडक्टर निर्माण में एचसीएल फ़ॉक्सकॉन (इंडिया चिप प्रा0लि0) सेमीकंडक्टर नीति के तहत ₹3,706 करोड़ का निवेश कर रही है और इससे लगभग 3,000 नए रोजगार देने के साथ ही एसेंट के सर्किट ने एफडीआई नीति के तहत ₹3,250 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। जिससे ये स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश अब हाई-टेक्नोलॉजी विनिर्माण के लिए देश में पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।

राज्य का संपन्न इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रमुख निर्माताओं को आकर्षित कर रहा है। अम्बर एंटरप्राइज़िस इंडिया लिमिटेड अपने विनिर्माण दायरे को बढ़ाने के लिए ₹3,232 करोड़ का निवेश कर रही है और इससे लगभग 3,000 नौकरियां मिलेंगी। वही आईबी सोलर ने ₹3,000 करोड़ का निवेश किया है जिससे लगभग 3,200 नए रोजगार की उम्मीद है । इन निवेशों से इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की स्थिति और मजबूत हुई है। ये निवेश केवल औद्योगिक परियोजनाएं नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नीतियों, सुशासन और दीर्घकालिक विकास क्षमता पर उद्योग जगत के मजबूत विश्वास का प्रमाण हैं। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और कुशल कार्यबल के दम पर प्रदेश विनिर्माण हब बन रहा है। ये परियोजनाएं एमएसएमई को सशक्त करेंगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करेंगी और उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में गति देंगी।

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