बनारस में बेसहारा बुजुर्गों को मिला आशियाना; होटल जैसी मिलेंगी सुविधाएं, PM ने दिया गिफ्ट
वाराणसी: जब वृद्धाश्रम की बात आती है, तो हमारे मन में वो पुरानी सी दीवार, पुरानी बिछी चादर, तख्त नजर आती है | लेकिन, वृद्धाश्रम भी हाई-टेक हो सकता है, इसकी एक तस्वीर बनारस में नज़र आ रही है | धर्मनगरी काशी में हाईटेक सुविधाओं वाला एक वृद्धाश्रम बनाया गया है. इस वृद्धाश्रम में 46 लग्जरी कमरे हैं | जहां 100 बेड है, तय समय पर बेहतर खाना मिलने के साथ ही, बुजुर्गों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप के समय बिताने की भी व्यवस्था है |
बताते चलें कि नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड के CSR फंड से इसे बनाया गया है | समाज कल्याण विभाग ने इसके लिए जमीन उपलब्ध कराई थी | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे | गौरतलब हो, ये आश्रम वाराणसी समाज कल्याण विभाग और तारा संस्थान के सहयोग से संचालित हो रहा है | तारा संस्थान के CEO दीपेश मित्तल बताते हैं, उदयपुर, प्रयागराज के बाद वाराणसी में ये हाईटेक वृद्ध आश्रम शुरू हुआ है | 25 बेड से उन्होंने वृद्धा आश्रम के चेन की शुरुआत की थी, जहां आज लगभग 500 बेड हो गए हैं |
उन्होंने बताया कि उदयपुर में 3 भवनों में आश्रम संचालित होता है | वहीं प्रयागराज में एक और वाराणसी में अब मुमुक्षु भवन के बाद वो इस वृद्धा आश्रम का संचालन कर रहे हैं | उन्होंने कहा कि हमारा सिर्फ एक ध्येय है कि हम असहाय बुजुर्गों की सेवा कर सकें |
व्यवस्था है अच्छी, घर जाने का मन नहीं करता: गाजीपुर के बुजुर्ग सजल देव वृद्धाश्रम की हाईटेक सुविधाओं से काफी खुश हैं | वे कहते हैं, कि ‘यहां बहुत अच्छा लग रहा है | बहुत सुकून है, ऐसा हाई-टेक आश्रम पहली बार देख रहा हूं.’ वापस घर जाने के सवाल पर कहते हैं, ‘घर जाने का मन नहीं करता है.’ एक और बुजुर्ग उनके साथ बैठे थे | जब उनसे इन सुविधाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी कहा, ‘यहां बहुत अच्छा लगता है. मन लगा रहता है. टीवी चलता है, अखबार मिलता है, सब ठीक है |
कोलकाता से आयीं महिला बनाती हैं खिलौने’: वृद्धाश्रम में ही एक बुजुर्ग महिला पारुल रह रही हैं, जो कोलकाता से बनारस आई हैं | इनके पास खूबसूरत खिलौने हैं, जिन्हें वे खुद बनाती हैं और दूसरों को भी ये हुनर सिखाने की चाह रखती हैं | वे बताती हैं, ‘हम कोलकाता से साल 2020 में आए थे. वहां से आकर बनारस में ही रुक गए| यहां सभी जगहों पर पैसे लेकर आश्रम में रहने देते थे| अब यहां फ्री में इतनी सुविधा मिल रही | इसके बारे में जितना बोलें कम है. बहुत बढ़िया सुविधा मिल रही है, किसी चीज़ की कमी नहीं है |खाना-पीना, सोना, कपड़े, तेल-साबुन हर चीज की सुविधा मिल जाती है | प्रधानमंत्री मोदी ने अच्छी व्यवस्था की है|’
24 घंटे वृद्धाश्रम में नर्सिंग स्टाफ: इन बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कुराहट ऐसे ही नहीं है | यहां पर सारी सुविधाएं देखने को भी मिलती हैं | यहां बने वॉशरूम में गीजर लगा हुआ है, वेस्टर्न टॉयलेट है और तमाम तरीके की व्यवस्थाएं हैं | वृद्धाश्रम में अधीक्षक का काम देख रहे भूपेंद्र सिंह बताते हैं, ‘मैं यहां की सारी व्यवस्थाएं देखता हूं. यह पूरी बिल्डिंग लगभग 24 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुई है | यहां पर आवास के लिए जितनी भी फैसिलिटीज हैं, जैसे- बेड और डबल बेड और इनके लिए पर्सनल रूम, जो कपल्स लोग आते हैं उनके लिए पर्सनल रूम प्रोवाइड किए जाते हैं | मेडिकल फैसिलिटी में नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे रहते हैं, पर्सनल केयरटेकर भी हैं |
तय समय पर भोजन, 30 दिन का अलग-अलग मेनू: भूपेंद्र सिंह ने बताया, वृद्धाश्रम में डॉक्टर भी आते हैं | एक दिन छोड़ के अगले दिन इनका रूटीन चेकअप करते हैं. खाने-पीने की पूरी सुविधा है | 30 दिन अलग-अलग मेनू बनता रहता है ,सुबह 7:00 बजे इनको चाय दी जाती है, 9:00 बजे नाश्ता दिया जाता है और 1:00 बजे लंच होता है. 4:00 बजे चाय देते हैं और 7:00 बजे डिनर देते हैं. 9:00 बजे इनको दूध देते हैं, लेकिन टाइम यही रहता है , तय समय पर सभी को भोजन मिलता है. यहां पर अभी 100 बेड की पूरी क्षमता है. अभी 106 लोग रह रहे हैं और भी हम इसको बढ़ा सकते हैं ज़रूरत के हिसाब से. इनके लिए हमने अन्य रूटीन भी बना रखे हैं|
बुजुर्गों के लिए भजन-कीर्तन, गेम्स-हेल्थ चेकअप: मैनेजर ने बताया, एक दिन छोड़कर अगले दिन भजन कीर्तन होता है , इनडोर गेम्स होते हैं , कुछ डांस का भी छोटा-मोटा कल्चरल एक्टिविटी करवाते हैं ,रूटीन चेकअप के लिए नर्सिंग स्टाफ हैं |अगर कोई बड़ी समस्या आती है, तो हम कैंप के माध्यम से इनका चेकअप करवाते हैं. बुजुर्गों की देखभाल के लिए 25 से ज्यादा स्टॉफ अलग-अलग कामों में लगाएं गए हैं | डॉक्टर की सलाह के बाद ही यहां रहने वाले बुजुर्गों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती हैं और यह सभी सुविधाएं इनके लिए नि:शुल्क होती हैं|
वृद्धाश्रम में ये सभी व्यवस्थाएं: हाईटेक वृद्धाश्रम में अन्य सुविधाओं की बात करें तो यहां पर 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है , जेनरेटर की सुविधा के साथ ही, सोलर पैनल की भी व्यवस्था की गई है | जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे ने बताया कि यह वृद्धा आश्रम बुजुर्गों के लिए घर जैसा है | यहां के कमरों में बेड, AC, कवर्ड, डाइनिंग टेबल, टीवी की व्यवस्था है |लिफ्ट, डाइनिंग रूम, हाईटेक किचन, डॉक्टर रूम, सांस्कृतिक केंद्र, मंदिर और गेस्ट रूम की भी सुविधा है. वृद्धाश्रम में गार्डेन की भी व्यवस्था की गई है|
पीएम का वाराणसी दौरा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी के दौरे पर आ रहे हैं |इस दौरान वे वाराणसी की जनता को करोड़ों की योजनाओं-परियोजनाओं की सौगात देंगे. इसी में से एक है रामनगर में बना यह वृद्धाश्रम. यह वृद्धाश्रम हाईटेक तरीके से बनाया गया है |यह किसी ऑफिस, होटल, रिसॉर्ट जैसा ही नजर आता है, लेकिन वृद्धाश्रम जो बुजुर्गों के लिए सहारा बना है. यहां डॉरमिटरी (Dormitory) है, जिसमें एसी, पंखा, टीवी, अलग-अलग बेड, बेहतरीन बाथरूम, आलमारी आदि की व्यवस्था की गई है |यहां पर रह रहे बुजुर्ग व्यवस्थाओं से काफी खुश नजर आ रहे हैं|


