आठ डॉक्टरों पर विभागीय कार्यवाही ,15 दिन के अंदर चार्टशीट तैयार करने का आदेश
कार्य के प्रति लापरवाही का आरोप , हरियाणा सर्विसेज रूल्स ,2016 के तहत हुई कार्यवाही
हिसार: हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में कथित लापरवाही के आरोपों को लेकर हिसार की सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत सहित आठ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ 15 दिनों के भीतर चार्जशीट का ड्राफ्ट तैयार करने के आदेश जारी किए हैं।
यह कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत प्रस्तावित विभागीय जांच का हिस्सा है।
15 दिन में चार्जशीट ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोपपत्र (चार्जशीट) का मसौदा 15 दिनों के भीतर तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे कानूनी परीक्षण (Legal Vetting) के लिए विभाग के विधि अधिकारी/सरकारी अधिवक्ता को भेजा जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा सके।
साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारियों से जुड़े सभी दस्तावेज, फाइलें और आवश्यक रिकॉर्ड महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं।
किन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई?
सरकार की ओर से जिन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें शामिल हैं:
- डॉ. सपना गहलावत – सिविल सर्जन, हिसार
- डॉ. सज्जन – एसएमओ, सीएचसी मंगाली
- डॉ. आशिमा चौधरी – एसएमओ, सीएचसी सीसवाल
- डॉ. नरेंद्र शर्मा – एसएमओ, सीएचसी खांडा खेड़ी
- डॉ. विक्रम – एसएमओ, सीएचसी मिर्जापुर
- डॉ. रोशनलाल – एसएमओ, सीएचसी आर्यनगर
- डॉ. जितेंद्र शर्मा – उप सिविल सर्जन
- डॉ. नीरू गुप्ता – उप सिविल सर्जन
विभागीय जांच की प्रक्रिया
सरकार की ओर से फिलहाल विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चार्जशीट जारी होना अंतिम दोष सिद्ध होना नहीं माना जाता। संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।





