गेहूं खरीद प्रक्रिया पर विवाद: किसानों को राहत देने के लिए नियमों में बदलाव की मांग तेज
मंडी में बढ़ती औपचारिकताओं से किसान परेशान, तुरंत सरल प्रक्रिया और समय पर भुगतान की उठी आवाज
Punjab:नीलोखेड़ी में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर गेहूं खरीद प्रक्रिया (गेहूं खरीद प्रक्रिया)चर्चा में आ गई है। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस (अखिल भारतीय किसान कांग्रेस) के राष्ट्रीय प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह गोराया (इंद्रजीत सिंह गोराया )ने सरकार से अपील की है कि खरीद प्रणाली में लागू की गई जटिल शर्तों को तुरंत सरल किया जाए।
उनका कहना है कि खेती से जुड़े बुनियादी संसाधनों—जैसे बीज, खाद और दवाइयों—की समय पर उपलब्धता पहले ही किसानों के लिए चुनौती बनी रहती है। इसके बाद जब किसान अपनी फसल मंडी तक पहुंचाता है, तो उसे कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
🟥 मंडी में प्रक्रिया बनी बोझ
गोराया के अनुसार, डिजिटल पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बावजूद किसानों को गेट पास, बायोमेट्रिक सत्यापन और कंप्यूटरीकृत तौल जैसी प्रक्रियाओं में समय और मेहनत दोनों लगते हैं। इससे न केवल देरी होती है, बल्कि कई बार भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता।
🟨 सरकार से प्रमुख मांगें
- खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाए
- अनावश्यक औपचारिकताओं को हटाया जाए
- मंडी में फसल की तुरंत तौल सुनिश्चित हो
- किसानों को समय पर भुगतान दिया जाए
🟥 किसानों के हित में फैसलों की जरूरत
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है, ऐसे में सरकारी प्रक्रियाओं को और जटिल बनाना स्थिति को और कठिन बना देता है।
सरकार को चाहिए कि वह किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए।





