हरियाणा : हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना (आयुष्मान भारत योजना)को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के करीब 600 अस्पतालों का 300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस मुद्दे को लेकर Indian Medical Association (आईएमए) ने आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
आईएमए के पदाधिकारियों, जिनमें डॉ. सुनीला सोनी, डॉ. योगेश जिंदल और डॉ. विजय महाजन शामिल हैं, ने बताया कि सितंबर 2025 के बाद से अस्पतालों के क्लेम लंबित हैं। नियमों के अनुसार 15 दिनों में भुगतान होना चाहिए, लेकिन महीनों से बकाया बढ़ता जा रहा है।
💰 आर्थिक दबाव में अस्पताल
लगातार भुगतान न मिलने से अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात में आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
⚠️ 20 अप्रैल के बाद सेवाएं बंद करने की चेतावनी
आईएमए ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो 20 अप्रैल के बाद पैनल में शामिल अस्पताल योजना के तहत सेवाएं बंद कर सकते हैं। इससे लाखों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
🏥 कमेटियों की बैठक भी ठप
आईएमए ने यह भी मुद्दा उठाया कि एंपैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटियों में प्रतिनिधित्व देने का फैसला अब तक लागू नहीं हुआ है। पिछले कई महीनों से इन कमेटियों की बैठक नहीं होने से नए अस्पतालों को जोड़ने और नई सुविधाओं की मंजूरी भी प्रभावित हो रही है।
⭐ निष्कर्ष
यदि समय रहते भुगतान और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आयुष्मान भारत योजना की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ेगा।





