चंडीगढ़ | 25 अप्रैल:पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) में कथित अंदरूनी संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है।
मजीठिया ने कहा कि जैसे ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर संकट आया, उन्हें राष्ट्रपति की याद आ गई, जबकि राज्य के अहम मुद्दों—बंदी सिंहों की रिहाई, किसानों की समस्याएं, युवाओं के रोजगार और पंजाब के अधिकार—पर कभी इस तरह की सक्रियता नहीं दिखाई गई।
⚡ “गद्दार” बयान पर सवाल
अकाली नेता ने मुख्यमंत्री के बयानों पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर पार्टी छोड़कर जाने वाले नेता “गद्दार” हैं, तो दूसरी पार्टियों से AAP में शामिल हुए नेताओं को क्या कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता के समय वही लोग ईमानदार थे और अब गद्दार करार दिए जा रहे हैं।
🏛️ इस्तीफे और नए जनादेश की मांग
मजीठिया ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की सिफारिश करनी चाहिए ताकि जनता नया जनादेश दे सके।
💰 संसाधनों के इस्तेमाल पर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में पंजाब के संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है और बाहरी नेतृत्व के प्रभाव में फैसले लिए गए। साथ ही उन्होंने सरकारी खर्च, आवास और अन्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
👥 कार्यकर्ताओं की नाराजगी का मुद्दा
मजीठिया ने दावा किया कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई नेता और विधायक भी स्थिति को लेकर असहज हैं।
⚖️ राजनीतिक माहौल गरमाया
इन आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति और गरमा गई है। विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और आने वाले समय में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
👉 यह पूरा घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बढ़ते तनाव और अंदरूनी खींचतान को दर्शाता है, जहां हर दल अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है।





