पंजाब

भूपेश बघेल के पंजाब दौरे से पहले कांग्रेस में घमासान, बैठक को लेकर नेताओं में नाराजगी; गुटबाजी आई सामने

फतेहगढ़ साहिब से संगठन मजबूत करने की तैयारी, लेकिन टिकट की दावेदारी और बैठक के निमंत्रण पर उठे सवाल

फतेहगढ़ साहिब: पंजाब कांग्रेस को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत करने की रणनीति के तहत पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल शुक्रवार से जिला स्तरीय बैठकों की शुरुआत करने जा रहे हैं। पहले चरण की बैठक फतेहगढ़ साहिब में प्रस्तावित है, लेकिन दौरे से पहले ही जिले में गुटबाजी और टिकट की दावेदारी को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना, संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच बढ़ती खींचतान ने कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टिकट की दावेदारी पर बढ़ा विवाद

फतेहगढ़ साहिब विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा को संभावित दावेदार माना जा रहा है। वहीं, पंजाब एनएसयूआई के अध्यक्ष ईश्वरप्रीत सिंह सिद्धू भी लगातार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी से राजनीतिक माहौल गर्म है।

चरणजीत सिंह चन्नी के भाई ने उठाए सवाल

बस्सी पठाना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह भी पार्टी के भीतर अलग रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने पहले ही आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का दावा किया है। नगर परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने अपने समर्थकों को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था, जिसके बाद से उनका जिला कांग्रेस नेतृत्व के साथ विवाद बना हुआ है।

बैठक में नहीं बुलाने का आरोप

भूपेश बघेल की बैठक से पहले नया विवाद तब सामने आया जब डॉ. मनोहर सिंह और ईश्वरप्रीत सिंह सिद्धू ने दावा किया कि उन्हें बैठक की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। दोनों नेताओं ने कहा कि वे अपने समर्थकों से चर्चा के बाद बैठक में शामिल होने पर फैसला करेंगे।

जिला कांग्रेस ने क्या कहा?

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरिंदर सिंह रामगढ़ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी जिला स्तरीय नेताओं को बैठक की सूचना भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष को सूचना पंजाब कांग्रेस स्तर से भेजी जाती है। वहीं, इंटक नेतृत्व को लेकर भी उन्होंने अलग दावा करते हुए कहा कि संगठन के अधिकृत पदाधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है।

कांग्रेस के सामने चुनौती

पंजाब में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे भूपेश बघेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय गुटबाजी को खत्म कर पार्टी में समन्वय स्थापित करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि टिकट की दावेदारी और आंतरिक मतभेद समय रहते नहीं सुलझे, तो आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की रणनीति प्रभावित हो सकती है।

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