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आत्मनिर्भर बनने के लिए एक्स्पो में सिर्फ स्वदेशी कंपनियां ही भाग लेगी

गांधीनगर । मोदी सरकार (indigenous companies) ने 2.8 बिलियन यानी 22 हजार करोड़ की लागत से 56 सी-295 एमडब्ल्यू ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने (indigenous companies) को मंजूरी दी थी। एयरबस के साथ डील के दौरान स्वदेशी कंपनी के साथ विमान तैयार करने की शर्त रखी गई। इसके तहत ही एयरबस ने टाटा से हाथ मिलाया। चार साल में 16 विमान सीधे स्पेन से भारत आएंगे, शेष 40 विमान यहीं पर तैयार होंगे।

यहीं पर एयरोस्पेस कॉम्पलेक्स स्थापित होगा। यहां पर 40 विमानों की प्रोडक्शन लाइन बनेगी यानी विमानों असेम्बल होंगे। मोदी सरकार ने गुजरात में प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू की। गुजरात सरकार ने तीन स्थानों पर जमीन चिह्नित की। इसके बाद सरकार ने सीधे ही धोलेरा के स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में इसे स्थापित करने के लिए जमीन तय की।

धोलेरा का चयन होने की कई वजह हैं। विमानों की डिलवरी होने के बाद उनकी मेंटेनेंस भी यहीं पर की जाएगी। विमान में भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड से स्वदेशी इलेक्ट्रोनिक वारफेयर सिस्टम लगाया जाएगा। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यहां प्लांट स्थापित करवाना मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा हैं।

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