राजस्थान में लंपी का कहर

जयपुर । राजस्थान (havoc) में गायों पर लंपी का कहर (havoc) फैल गया है। 6 लाख से ज्यादा गाय इस वायरस से संक्रमित हो चुकी हैं। करीब 26 हजार ने दम तोड़ दिया है। यह सरकारी रिकॉर्ड का आंकड़ा है। मुताबिक इससे पहले केवल 50-50 हजार रुपए ही जिलों को दिए गए थे।
लंपी से निपटने की दवा खरीदने में जिलों को भामाशाहों की मदद भी लेनी पड़ी है। अब तक भामाशाहों की मदद से 16 लाख रुपए की दवाईयां खरीदी गई हैं। राज्य के 30 जिलों के गौवंश-पशु लंपी की चपेट में आ चुके हैं।
अब सरकार कोरोना की तर्ज पर अर्जेंट-टेम्परेसी बेसिस पर वेटरनरी डॉक्टर्स और पशुधन सहायक (LSA) की 500 पोस्ट पर भर्ती करने जा रही है। वेटेरनरी डॉक्टर्स की नियुक्ति 39300 रुपए प्रति माह पर केवल 3 महीने के लिए होगी।
केसों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ने पर विभाग ने अब जाकर कोरोना की तर्ज पर अस्थाई आधार पर भर्तियां करने का फैसला लिया है। परमानेंट भर्ती नहीं करना पशुओं और गौवंश के लिए अपनाई जा रही कोताही को साफ दिखाता है।
इसके अलावा 19 मार्च को 1136 पदों पर शुरू हुई पशुधन सहायक (LSA) भर्ती के पदों में बढ़ोतरी करते हुए इसे 1436 किया गया है। साथ ही अजमेर,भरतपुर और बूंदी में गायों को गोटा-पॉक्स वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया है।
