हरियाणा

हरियाणा के ग्रुप-डी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, क्लर्क पद के लिए SETC परीक्षा जरूरी

नायब सरकार का बड़ा फैसला, पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी SETC पार्ट-1 परीक्षा में हो सकेंगे शामिल

चंडीगढ़: हरियाणा में चतुर्थ श्रेणी यानी ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने पात्र कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों को क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (SETC) पार्ट-1 में शामिल होने की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले से पात्र कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों में संबंधित विभागों को पात्र कर्मचारियों को परीक्षा में शामिल होने में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।

क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए SETC पास करना जरूरी

हरियाणा लिपिकीय (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम-2026 के तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों को क्लर्क पद पर पदोन्नति पाने के लिए SETC पार्ट-1 परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है।

इस फैसले का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं और क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं।

विभागों को आवेदन और एडमिट कार्ड सत्यापित करने के निर्देश

सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को SETC पार्ट-1 परीक्षा में शामिल होने वाले पात्र कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों के आवेदन पत्र और ई-प्रवेश पत्र का सत्यापन एवं प्रमाणीकरण सुनिश्चित करना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र कर्मचारियों को परीक्षा में बैठने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों को उनके परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को पूरी करनी होगी परीक्षा की शर्त

सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद अब पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए SETC पार्ट-1 परीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। परीक्षा पास करने के बाद ही वे संबंधित नियमों के तहत क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए पात्र होंगे।

हालांकि पदोन्नति के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करने के अलावा सेवा नियमों में निर्धारित अन्य पात्रताओं और शर्तों को भी पूरा करना होगा।

चंडीगढ़ के सरकारी आवासों में रूफटॉप सोलर पर भी अपडेट

इसी बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली से जुड़ा अंडरटेकिंग फॉर्म जमा करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है।

हाउस अलॉटमेंट कमेटी के अनुसार, निर्धारित अवधि में अंडरटेकिंग फॉर्म जमा नहीं करने वाले कर्मचारी को सोलर ऊर्जा सुविधा का विकल्प नहीं चुनने वाला माना जाएगा।

जो कर्मचारी रूफटॉप सोलर सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा और संयंत्र के रखरखाव के लिए अधिकृत कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देनी होगी।

Show More

यह भी जरुर पढ़ें !

Back to top button