पंजाब

चंडीगढ़ में लाल डोरा विस्तार और फ्रीहोल्ड पर अभी नहीं फैसला, हजारों परिवारों की उम्मीदों को झटका

22 गांवों में लाल डोरा बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं, पुनर्वास कॉलोनियों के मालिकाना हक का मामला केंद्र सरकार के पास लंबित

चंडीगढ़: शहर में प्रॉपर्टी से जुड़े अहम मुद्दों पर राहत की उम्मीद लगाए बैठे हजारों परिवारों को फिलहाल और इंतजार करना होगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम क्षेत्र के 22 गांवों में लाल डोरा (Lal Dora) क्षेत्र बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) कॉलोनियों के मकानों को फ्रीहोल्ड कर मालिकाना हक देने का प्रस्ताव अभी केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के पास लंबित है।

यह जानकारी संसद में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में प्रशासन की ओर से दी गई।

लाल डोरा विस्तार पर फिलहाल नहीं होगी कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के 22 गांवों में लाल डोरा सीमा बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे में इन गांवों के हजारों परिवारों को अभी किसी नई राहत की उम्मीद नहीं है।

फ्रीहोल्ड का फैसला केंद्र सरकार के पास

पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को उनके मकानों का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव अभी गृह मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए लंबित है। मंजूरी मिलने के बाद ही इन परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण नियमों में बदलाव नहीं

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शेयर-वाइज प्रॉपर्टी की बिक्री, एक मकान को अलग-अलग हिस्सों में बेचने और फेज-1 के रिहायशी क्षेत्रों में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ाने जैसे मामलों में 10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश लागू हैं। इसी कारण मौजूदा नियमों में किसी प्रकार की ढील देना संभव नहीं है।

CHB मकान मालिकों को मिलेगी यह सुविधा

हालांकि, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकान मालिकों के लिए राहत की बात यह है कि नीड बेस्ड चेंज (Need Based Changes) की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। निर्धारित नियमों के तहत मकानों में आवश्यक बदलाव और निर्माण कार्य किए जा सकेंगे।

सहकारी आवास समितियों पर भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सहकारी आवास समितियों की संपत्तियों के हस्तांतरण के दौरान अनअर्न्ड इन्क्रीज (Unearned Increase) की वसूली मौजूदा नियमों के अनुसार जारी रहेगी। इस नीति में फिलहाल किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं है।

लंबे समय से लंबित हैं प्रॉपर्टी से जुड़े मुद्दे

चंडीगढ़ में लाल डोरा विस्तार, पुनर्वास कॉलोनियों को फ्रीहोल्ड करने, निर्माण नियमों में बदलाव और संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चर्चा में हैं। प्रशासन के ताजा रुख से साफ है कि इन मामलों में अंतिम निर्णय के लिए अभी केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार करना होगा।

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