11 घंटे बंद रहा शंभू बॉर्डर, लंबा रूट अपनाने को मजबूर हुए यात्री; बढ़ा पेट्रोल-डीजल खर्च
दिल्ली-पंजाब मार्ग बाधित होने से हजारों वाहन वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को घंटों की देरी
अंबाला: हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर करीब 11 घंटे तक बंद रहने से बुधवार को दिल्ली-पंजाब मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। बॉर्डर बंद होने के कारण हजारों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा, जिससे यात्रियों, निजी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च का सामना करना पड़ा।
पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के तहत वाहनों को अंबाला छावनी, जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू के रास्ते डायवर्ट किया गया। हालांकि इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर धीमी रफ्तार और जाम जैसी स्थिति बनी रही।
ट्रांसपोर्ट और यात्रियों पर पड़ा असर
बॉर्डर बंद रहने का सबसे अधिक असर मालवाहक वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर पड़ा। लंबा रास्ता तय करने के कारण डीजल की खपत बढ़ी, जिससे माल ढुलाई की लागत भी प्रभावित हुई। वहीं निजी वाहन चालकों और टैक्सी संचालकों को भी सामान्य दूरी की तुलना में अधिक सफर करना पड़ा।
कई नौकरीपेशा लोग, व्यापारिक कार्य से यात्रा कर रहे नागरिक और मरीजों को अस्पताल ले जा रहे परिजन समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। रिपोर्ट के अनुसार, एक एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा।
वार्ता के बाद बहाल हुआ यातायात
शाम करीब 4:45 बजे किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता के बाद शंभू बॉर्डर को खोल दिया गया। इसके बाद दोनों राज्यों के बीच वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
27 जुलाई तक धारा 163 लागू
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शंभू बॉर्डर क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जो 27 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।





