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EXCLUSIVE : “सर, गेंद मुझे दीजिए… मैं आखिरी 4 विकेट चटकाकर मैच जिता दूंगा!”जीशान अब खेलेंगे ‘इंडिया-ए’ के लिए…

“जीशान की सबसे बड़ी ताकत उनकी खतरनाक गुगली है। वह इस गेंद को इतने सटीक नियंत्रण और आत्मविश्वास के साथ फेंकते हैं कि बल्लेबाज पूरी तरह चकमा खा जाता है। अक्सर सामने खड़ा बल्लेबाज उनकी गुगली को समझ ही नहीं पाता और गलत शॉट खेलकर अपना विकेट दे बैठता है।”

लखनऊ। आखिरी ओवर, जीत के लिए सिर्फ 2 रन की जरूरत और हाथ में 4 विकेट… मैदान पर मौजूद हर दर्शक मान चुका था कि मैच खत्म। लेकिन तभी लखनऊ के LDA स्टेडियम की मिट्टी से निकले एक जिद्दी स्पिनर ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। कोच गोपाल सिंह की एक हिचकिचाहट और उस लड़के की ‘गोल्डन जिद’ ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट को उसका नया फिरकी किंग-जीशान अंसारी दे दिया था!

अपनी जादुई लेग स्पिन से बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले जीशान अंसारी का चयन जैसे ही ‘भारत की ए टीम’ के लिए हुआ, उनके पुराने गुरु गोपाल सिंह का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। आइए जानते हैं, आखिरी ओवर में 4 विकेट से शुरू हुआ जीशान का यह सफर कैसे ‘इंडिया-ए’ की दहलीज तक पहुंचा…

“यूपी क्रिकेट में उसे उतने मौके नहीं मिले जिसका वह हकदार था, यहाँ तक कि IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन में भी उसे बेंच पर बैठना पड़ा, लेकिन मुझे पूरा भरोसा था कि मेरा लड़का एक दिन टीम इंडिया की जर्सी जरूर पहनेगा।”

कोच गोपाल सिंह ने कहा कि बार-बार नजरअंदाज किए जाने के बावजूद जीशान ने कभी हिम्मत नहीं हारी और चुपचाप अपनी मेहनत में लगा रहा।

उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “12 साल पहले जब उस छोटे से लड़के ने आखिरी ओवर फेंकने की जिद की थी और लगातार 4 बल्लेबाजों को शून्य (0) पर पवेलियन भेजकर मैच LDA कोचिंग को जिताया था, मैं तभी समझ गया था कि यह लड़का एक दिन देश का नाम रोशन करेगा।” गुरु का वही भरोसा आज सच साबित हुआ है।

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कोच गोपाल सिंह की आंखों में अपने शिष्य के सुनहरे भविष्य की चमक साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा, “आज जीशान का चयन ‘इंडिया-ए’ टीम के लिए हुआ है, जो उसके सफर की सिर्फ एक शुरुआत है। मुझे पूरा यकीन है कि वह दिन दूर नहीं जब अपनी जादुई फिरकी की बदौलत वह बहुत जल्द भारतीय सीनियर मुख्य क्रिकेट टीम (Team India) का हिस्सा बनेगा और नीली जर्सी पहनकर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर करेगा।”

बता दे कि आईपीएल सीजन में एक भी मैच नहीं खेला सनराइजर्स हैदराबाद के लेग स्पिनर जीशान अंसारी को भारतीय टेस्ट टीम से एक अप्रत्याशित बुलावा मिला था और 26 वर्षीय जीशान अंसारी को अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के नेट बॉलर के रूप में शामिल किया गया था।

टूर्नामेंट के दौरान हैदराबाद की टीम ने तेज गेंदबाजी आक्रमण को प्राथमिकता दी थी, जिसके चलते उन्होंने साकिब हुसैन और प्रफुल हिंगे जैसे गेंदबाजों पर दांव लगाया। वहीं, स्पिन विकल्प के तौर पर SRH मैनेजमेंट ने हर्ष दुबे और शिवांग कुमार पर भरोसा जताया, जो निचले क्रम में बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते थे। इस रणनीति के कारण जीशान को पूरे सीजन बेंच पर ही वक्त गुजारना पड़ा।

भले ही आईपीएल में जीशान की उपेक्षा हुई हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड उनकी काबिलियत की गवाही देता है…

  • अंडर-19 के स्टार: जीशान अंसारी उसी भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिससे ईशान किशन, ऋषभ पंत और सरफराज खान जैसे दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं।
  • विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के हीरो: इस घरेलू टूर्नामेंट में जीशान ने अपनी फिरकी का खौफ दिखाते हुए महज 8 मैचों में 21 विकेट चटकाए थे।
  • शानदार औसत: पूरे टूर्नामेंट में उनका गेंदबाजी औसत 16.52 का रहा, जिसने उन्हें सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों की फेहरिस्त में खड़ा कर दिया।

आईपीएल में नजरअंदाज होने के बावजूद जीशान अंसारी की धारदार गुगली और घरेलू सीजन के शानदार प्रदर्शन ने आखिरकार उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल दिए हैं। अब देखना होगा कि इंडिया-ए के इस बड़े मंच पर वह अपनी फिरकी से क्या कमाल दिखाते हैं।

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