धर्म - अध्यात्मलखनऊ

‘सांवरे सलोने सताया ना करो…’ भजनों से रीझे खाटू श्याम: लखनऊ में सजी भव्य भजन संध्या

विदेशी फूलों और स्वर्णिम आभा से महका बाबा का दरबार; एकादशी कीर्तन में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

लखनऊ। नवाबों की नगरी लखनऊ के आर्या नगर स्थित सिंघल सदन में श्री श्याम ज्योत मण्डल द्वारा आयोजित एकादशी कीर्तन में भक्ति का ऐसा रंग बिखरा कि पूरी पुण्यस्थली खाटू धाम के रंग में रंग गई। विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से सजे बाबा श्याम के भव्य राजदरबार ने हर किसी का मन मोह लिया। स्वर्ण आभूषणों, रत्नजड़ित मोतियों और अलौकिक स्वर्णिम आभा से सुशोभित बाबा श्याम की मनमोहिनी छवि को निहारने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

“जमघट म्हारे श्याम का” थीम पर आधारित इस आलौकिक भजन संध्या की शुरुआत पुरोहित श्री रितेश जी द्वारा विधि-विधान से कराए गए गणेश पूजन के साथ हुई। इसके बाद नीलेश अग्रवाल (टाटा) के परिवार ने मुख्य यजमान के रूप में बाबा की पावन अखंड ज्योति प्रज्वलित की। राज श्री म्यूजिकल समूह की धुनों पर समिति के सदस्यों ने सबसे पहले विघ्नहर्ता गणेश की वंदना की, जिसके बाद पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

भजन प्रवाह के अगले चरण में विख्यात गायक श्रवण अग्रवाल ने जब अपनी मधुर आवाज में प्रसिद्ध भजन “सांवरे सलोने सताया ना करो, रोज़ रोज़ सपनों में आया ना करो…” और “ना पुष्पों के हार, ना सोने के दरबार, श्याम तो प्रेम के भूखे है, कन्हैया प्रेम के भूखे हैं…” गाना शुरू किया, तो भक्त भावविभोर होकर झूमने और नाचने लगे। इसके बाद अनुपम मित्तल, सक्षम खंडेलवाल और रिंकू जैसे प्रतिभाशाली भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक श्याम भजनों की प्रस्तुति देकर देर रात तक समां बांधे रखा।

इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में प्रमुख रूप से राजेंद्र अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल (हुंडई), नरेश चंद्र अग्रवाल, स्वाति गोयल, सोनिका अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल और यश अग्रवाल सहित श्री श्याम ज्योत मण्डल के तमाम पदाधिकारियों और भक्तों का विशेष सहयोग रहा। सभी भक्तों ने बाबा की आरती उतारकर देश और समाज की खुशहाली की कामना की।

 

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