पंजाब

संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस:दिहाड़ी मजदूर के नाम पर चली करोड़ों की कंपनी

मंत्री की कंपनी से 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर; फर्जी फर्म और बैंक खातों के जरिए लेनदेन का आरोप

चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने दावा किया है कि एक दिहाड़ी मजदूर को करोड़ों रुपये के कारोबार वाली फर्म का मालिक बनाकर वित्तीय लेनदेन किए गए।

कमल अहमद ने कथित तौर पर बताया कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे कंपनी संचालन या वित्तीय लेनदेन की कोई जानकारी नहीं है। ईडी के मुताबिक, अहमद ने अपने बयान में कहा कि अजहर हैदर उर्फ मोंटी नामक व्यक्ति ने उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर उससे हस्ताक्षर करवाए थे।

गुरुग्राम स्थित पीएमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने बताया कि संजीव अरोड़ा की कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ से दिल्ली की एक फर्म को करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

ईडी के अनुसार, अगस्त 2023 से जनवरी 2024 के बीच 41 आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 27.73 करोड़ रुपये ‘एसके एंटरप्राइजेज़’ नाम की फर्म के विभिन्न बैंक खातों में भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि यह फर्म केवल कागजों पर संचालित की जा रही थी।

एजेंसी का दावा है कि अजहर हैदर ने भी पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कमीशन के आधार पर लोगों के नाम पर फर्में खुलवाने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर डेढ़ से दो प्रतिशत कमीशन लिया जाता था।

हालांकि, इस मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है और अदालत में सुनवाई जारी है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस खुलासे के बाद राज्य सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जबकि अरोड़ा पक्ष की ओर से अभी विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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