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पानीहाटी से BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ की बड़ी बढ़त, बोलीं—“यह चुनाव न्याय की लड़ाई”
RG Kar केस की पीड़िता की मां ने चुनाव को बनाया जनआंदोलन, 56 हजार से अधिक वोटों की बढ़त के साथ सुर्खियों में
नारी डेस्क: पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट (रत्ना देबनाथ) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार और आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने चुनाव को “न्याय की लड़ाई” करार दिया है। वोटों की गिनती के बीच वह 56,000 से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं, जिससे यह सीट पूरे राज्य का केंद्र बन गई है।
मीडिया से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने कहा कि उनकी बेटी अब केवल उनका निजी दर्द नहीं रही, बल्कि पूरे समाज की आवाज बन चुकी है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी। जब तक मैं जिंदा हूं, न्याय के लिए संघर्ष करती रहूंगी।” उन्होंने यह भी बताया कि वह एक तरफ चुनावी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, तो दूसरी ओर अपनी बेटी के मामले की कानूनी लड़ाई भी जारी रखे हुए हैं।
राजनीतिक समीकरण बदले
पानीहाटी सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 2011 से दबदबा रहा है, लेकिन इस बार रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया। उनकी उम्मीदवारी को भाजपा की रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जिसने चुनावी मुद्दों को “नेतृत्व बनाम नेतृत्व” से हटाकर “न्याय बनाम व्यवस्था” की दिशा दे दी।
भावनात्मक मुद्दा बना जनसमर्थन का आधार
रत्ना देबनाथ के चुनाव प्रचार का केंद्र उनकी बेटी के साथ हुई त्रासदी रही। उनके नारे—“मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी के साथ भी हो सकता था”—ने राज्यभर में गहरी प्रतिक्रिया पैदा की और महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया।
रिकॉर्ड मतदान और बढ़ता असर
दूसरे चरण में रिकॉर्ड 91.62% मतदान के बीच रत्ना देबनाथ ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और जनता अब बदलाव के लिए तैयार है।
चुनाव के दौरान तनाव के आरोप
मतदान के दिन रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि उन्हें विरोधी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा घेरा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रत्ना देबनाथ की यह बढ़त केवल एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक मुद्दों पर आधारित एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।