चंडीगढ़: हरियाणा सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना निरोगी हरियाणा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 7 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि करीब 5.86 करोड़ लैब टेस्ट पूरी तरह निशुल्क किए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य लोगों में बीमारियों की समय रहते पहचान करना और गरीब परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है। योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़े हैं।
रोगों की पहचान में बड़ी सफलता:
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 8.69 लाख से अधिक बीमारियों के मामलों की पहचान की गई है। इनमें सबसे ज्यादा मामले एनीमिया के सामने आए, जो कुल मामलों का लगभग 34.38% है। इसके अलावा 15.35% लोगों में उच्च रक्तचाप और 12.09% लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए।
इसके साथ ही हृदय रोग, कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों की भी शुरुआती पहचान कर मरीजों का इलाज शुरू किया गया है।
योजना का होगा विस्तार:
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों को देखते हुए सरकार अब इस योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों और 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं:
यह योजना केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है। राज्यभर में 2,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
निष्कर्ष:
निरोगी हरियाणा न केवल हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रही है, बल्कि समय पर जांच और मुफ्त इलाज के जरिए लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।




