देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल, जींद–सोनीपत रूट पर दिखा शानदार प्रदर्शन
अब 28 अप्रैल को फाइनल टेस्ट; सुरक्षा मंजूरी के बाद जल्द शुरू हो सकता है नियमित संचालन
Haryana:भारत में रेलवे तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। वीरवार को दूसरे दिन यह परीक्षण जींद से सोनीपत रेल लाइन पर किया गया, जहां ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
सुबह करीब आठ बजे ट्रेन जींद जंक्शन से रवाना हुई और तय समय पर दोपहर दो बजे वापस लौट आई। ट्रायल के दौरान ट्रेन के सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब इस हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम और सबसे अहम परीक्षण 28 अप्रैल को किया जाएगा। यह ट्रायल कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की मौजूदगी में होगा। इस फाइनल टेस्ट के सफल रहने के बाद ट्रेन को नियमित संचालन के लिए हरी झंडी मिल सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी ट्रायल पूरे होने के बाद इस नई तकनीक को चरणबद्ध तरीके से अन्य रूटों पर भी लागू किया जाएगा। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती है, क्योंकि इसमें प्रदूषण काफी कम होता है।
क्या है खास?
हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में ज्यादा इको-फ्रेंडली होती है और इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। यह पहल भारतीय रेलवे को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निष्कर्ष:
जींद–सोनीपत रूट पर सफल ट्रायल के बाद अब सबकी नजर 28 अप्रैल के फाइनल टेस्ट पर है। यदि यह सफल रहा, तो देश में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो सकता है।




