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पायलट बनने का सपना कैसे करें पूरा? जानिए योग्यता, प्रक्रिया और खर्च
मेडिकल टेस्ट और ट्रेनिंग के बाद मिलता है कमर्शियल पायलट लाइसेंस
Career News:भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही पायलट बनने का सपना देखने वाले युवाओं की संख्या भी बढ़ रही है। यह एक ऐसा करियर है जो न सिर्फ रोमांचक है, बल्कि इसमें अच्छी सैलरी और ग्लोबल अवसर भी मिलते हैं।
पायलट बनने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। साथ ही 12वीं कक्षा में फिजिक्स और मैथ्स के साथ कम से कम 50% अंक होना जरूरी है।
अगर कोई छात्र आर्ट्स या कॉमर्स से है, तो उसे ओपन स्कूल के जरिए फिजिक्स और मैथ्स पास करना होता है।
पायलट बनने से पहले मेडिकल फिटनेस सबसे अहम होती है। इसके लिए दो तरह के मेडिकल टेस्ट होते हैं:
इन टेस्ट में आंख, दिल (ECG), ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी जांचें की जाती हैं। अगर किसी को कलर ब्लाइंडनेस जैसी समस्या है, तो वह पायलट नहीं बन सकता।
पायलट बनने के लिए उम्मीदवार को फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन लेकर ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। इसके बाद DGCA से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त किया जाता है, जो इस प्रोफेशन के लिए अनिवार्य है।
मेडिकल टेस्ट का खर्च लगभग 10,000 रुपये तक हो सकता है। वहीं पूरी पायलट ट्रेनिंग में लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं, जो फ्लाइंग स्कूल और ट्रेनिंग अवधि पर निर्भर करता है।
एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ोतरी के चलते पायलट्स की मांग भी बढ़ रही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में जॉब के अच्छे अवसर मौजूद हैं।