देहरादून में अपराध पर होगा निर्णायक प्रहार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलेगा ‘ऑपरेशन प्रहार’ !

देहरादून -: राजधानी देहरादून में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड पुलिस ने अब अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देश पर राज्य में विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” चलाया जाएगा, जिसके तहत राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड श्री दीपम सेठ की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ श्री नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून श्री प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ श्री अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि राजधानी देहरादून में किसी भी कीमत पर आपराधिक गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पूर्ण मुस्तैदी, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए हर स्तर पर प्रभावी और दृश्यमान पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। डीजीपी ने आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हर स्थिति पर वरिष्ठ स्तर से लगातार नजर रखी जा सके। वहीं एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही तय करने तथा क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं फील्ड में सक्रिय रहें। शहर के चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाई जाए और प्रमुख बैरियरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में पुलिसबल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि संवेदनशील समय और स्थानों पर अपराध की संभावनाओं को शुरुआत में ही रोका जा सके। अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान को और तेज करने के लिए आईजी एसटीएफ और एसएसपी एसटीएफ को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष ऑपरेशन चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही राजधानी में किरायेदारी और बाहरी गतिविधियों की निगरानी को भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया।
डीजीपी ने सत्यापन अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पीजी और किरायेदारों का सघन सत्यापन कराया जाए। साथ ही होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अवांछित गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
बैठक में देर रात तक नियमों का उल्लंघन कर संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार और पब्स पर सख्त कार्रवाई की जाए और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस मुख्यालय में हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि राजधानी देहरादून में अब कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। “ऑपरेशन प्रहार” के जरिए पुलिस अपराधियों, संदिग्ध गतिविधियों और नियम उल्लंघन करने वालों पर एक साथ सख्त प्रहार करेगी। शासन और पुलिस मुख्यालय की इस सख्त रणनीति का उद्देश्य न केवल अपराध पर अंकुश लगाना है, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
