देहरादून

​देहरादून के परेड ग्राउंड में उमड़ा पहाड़ का रंग: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 का शानदार आगाज , ‘संस्कृति से समृद्धि’ के संकल्प के साथ शुरू हुए महोत्सव में शोभायात्रा ने बिखेरा जादू, गीता धामी ने बताया- जड़ों से जोड़ने का प्रयास

देहरादून -: उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करता एक उत्सव देहरादून में शुरू हो गया है। ‘संस्कृति से समृद्धि’ के संकल्प को थामे यह चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव वैदिक मंत्रों की गूंज और शंखनाद के साथ प्रारंभ हुआ, जिससे आयोजन स्थल पर एक पवित्र एवं सांस्कृतिक वातावरण बन गया।

महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत एक भव्य शोभा यात्रा से हुई, जिसने शहर के मुख्य मार्गों पर उत्तराखंड की लोक परंपराओं की रंगत बिखेर दी। सेवा संकल्प फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी गीता धामी ने कलश के साथ इस यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा लैंसडाउन चौक से आरंभ होकर शहर के प्रमुख चौकों व गांधी पार्क होते हुए परेड ग्राउंड पहुंची।

इस यात्रा में न्यानकारी गोल्ज्यू के स्वरूप को आगे रखा गया। पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने छोलिया, जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊंनी सहित विभिन्न क्षेत्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। गोरखाली व पंजाबी नृत्यों ने भी रंग जमाया। लोक वाद्ययंत्रों के सुर और कलाकारों के उत्साह ने आकर्षण का केंद्र बना दिया, जिसे देखने के लिए सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा हुए।

हजारों की भीड़ ने इस यात्रा में प्रतिभाग किया। समारोह को संबोधित करते हुए गीता धामी ने कहा कि यह महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और नई पीढ़ी को उसकी जड़ों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। “संस्कृति से समृद्धि की ओर” की थीम हमें अपनी परंपराओं को बचाते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर होने का संदेश देती है।

उन्होंने बताया कि इस चार दिवसीय आयोजन में लोक कला, पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मंचन और अन्य सामाजिक गतिविधियों को स्थान मिलेगा। प्रदेश भर से आए कलाकार व शिल्पकार इसमें हिस्सा ले रहे हैं। धामी ने जोर देकर कहा कि इसका उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाना और उसे आमजन तक पहुंचाना है।

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