करोड़ों लोगों को मिलेगा ये गिफ्ट…

नई दिल्ली। इस बार दिवाली से पहले सरकार बड़ा तोहफा दे सकती वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली से पहले सरकार राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, एक-दो दिन में राहत पैकेज का ऐलान संभव है. इसके साथ ही अलग-अलग सेक्टर के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाएगा.
पीएफ के लिए भी हो सकता है ऐलान
CNBC आवाज के मुताबिक, इस पैकेज में सरकार का रोजगार पर सबसे ज्यादा फोकस होगा. इसके अलावा नए कर्मचारियों के पीएफ कॉन्ट्रिव्यूशन का 10 फीसदी तक सरकार सब्सिडी के तौर पर दे सकती है.
बिना गारंटी मिल सकता है लोन
अलग-अलग सेक्टर जो काफी ज्यादा दबाव में है, जिसको लेकर केवी कामत कमेटी ने रिपोर्ट पेश की है तो उन सेक्टर को सरकार इमरजेंसी क्रेडिट लाइन की सुविधा मुहैया करा सकती है. यानी बिना किसी गारंटी के आपको कर्ज मिल सकता है।
प्रोत्साहन पैकेज में केंद्र सरकार का दो मुद्दों पर रहेगा खास फोकस
सूत्रों के मुताबिक, अगले राहत पैकेज में केंद्र का सरकार फोकस दो मुद्दों पर रहने वाला है. इनमें पहला मुद्दा रोजगार है. दरअसल, कोरोना संकट के बीच बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार छिन गया है. ऐसे में इस राहत पैकेज में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए सरकार पीएफ (प्रॉविडेंड फंड) के जरिये 10 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान कर सकती है. आसान शब्दों में समझें तो नए कर्मचारियों के पीएफ का 10 फीसदी हिस्सा सरकार देगी. यही नहीं, कंपनियों को नई नौकरियां देने को प्रोत्साहित करने के लिए पीएफ में नियोक्ता के हिस्से का 10 फीसदी भी सरकार देगी।
पिछले हफ्ते वित्त सचिव ने दिए राहत पैकेज के संकेत
वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी थी. वित्त सचिव के मुताबिक, सरकार एक दूसरे स्टिमुलस पैकेज पर काम कर रही है. ये पैकेज कब तक आएगा इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने लगे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में अच्छी आर्थिक वृद्धि दर्ज की गई है. सूचीबद्ध कंपनियों का टर्नओवर और मुनाफा बढ़ा है. यही नहीं, अक्टूबर के दौरान निवेश और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा, ‘इन सभी संकेतों से साफ है कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बेहतर स्थिति की ओर बढ़ रही है. इस दौरान उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में हिमाचल प्रदेश में 1810 करोड़ रुपये लागत वाले 210 मेगावाट के एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है. इससे 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

