तालिबान के जरिए अफगान की मदद नहीं करेगा अमेरिका

वाशिंगटन :तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता में वापसी के दो महीने पूरे कर लिए हैं, मगर अब तक उसके प्रति अमेरिका का मन नहीं बदला है। तालिबान के जरिए अमेरिका किसी भी कीमत पर अफगानिस्तान को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के पक्ष में नहीं है। अमेरिका ने कहा है कि वह मौजूदा समय में अफगानस्तिान में सत्ता में काबिज लोगों के जरिए उसे (अफगानस्तिान) को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार नहीं है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने सीएनएन न्यूज चैनल से कहा कि मौजूदा समय में जो लोग अफगानस्तिान की सत्ता में हैं, उनके जरिए अमेरिका अफगानस्तिान को आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सरकारी समावेशिता और अन्य पहलुओं में महत्वपूर्ण सुधार देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर दूसरे पक्ष के साथ नियमित तौर पर चर्चा कर रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने आगे कहा, ‘हम अभी तक अफगानस्तिान में वहां वर्तमान नेतृत्व के माध्यम से सीधे धन उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं। तालिबान उस स्थिति में नहीं है जो हम चाहते हैं। जब तक हम वास्तव में सरकार से लेकर हर चीज के लिए पर्याप्त रूप से बेहतर दृष्टिकोण नहीं देखते हैं, जिसके लिए हम उनके साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। हमारा ध्यान अंतरराष्ट्रीय संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से राशि मुहैया कराने पर है।’
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका वास्तव में अफगानस्तिान के लोगों की ऐसी परस्थिति पैदा किए बिना (जिससे अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए समस्या उत्पन्न हो) मदद करने का सबसे अच्छा तरीका मानता है। बता दें कि 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था और उसके बाद तालिबान सरकार का गठन किया। हालांकि, अमेरिका-भारत समेत कई देशों ने तालिबान के सरकार को समावेशी सरकार मानने से इनकार किया है।





