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यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में फिजिकली कोर्ट में पेश किया गया !

हरियाणा की जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद सोमवार, 25 अगस्त को फिजिकली कोर्ट में पेश किया गया. इस सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं, खासकर पुलिस की भूमिका को लेकर.

अदालत में हुई पेशी, चालान प्रक्रिया में अड़चनें

ज्योति के वकील कुमार मुकेश के अनुसार, पेशी का मकसद चालान की सप्लाई प्रक्रिया को पूरा करना था. लेकिन जैसे ही प्रक्रिया आगे बढ़ी, पुलिस ने कोर्ट में एक अर्जी दी जिसमें अनुरोध किया गया कि चालान के कुछ हिस्से ना दिए जाएं. वकील ने इसका सख्त विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मामले को उलझा रही है. उनका कहना था कि या तो पुलिस के पास ज्योति के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं या फिर वह किसी खुलासे से बचने की कोशिश कर रही है.

वकील का आरोप, पुलिस कर रही है समय की बर्बादी

मीडिया से बात करते हुए वकील ने दावा किया कि पुलिस के इस व्यवहार से लगता है कि उनके पास ज्योति के खिलाफ ठोस प्रमाण नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की मंशा केवल मामले को टालने और बेइज्जती से बचने की है. कोर्ट में पेश की गई अर्जी को अस्पष्ट बताते हुए वकील ने कहा कि पुलिस को अर्जी दोबारा साफ-साफ बनाकर पेश करनी होगी, जिसका वे विधिवत जवाब देंगे. फिलहाल कोर्ट ने अगली पेशी की तारीख 2 सितंबर तय की है.

जांच और आरोप, अब तक क्या सामने आया है

गौरतलब है कि ज्योति को 16 मई को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि वह पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में थी और उन्होंने 2023 में दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग का दौरा कर दानिश नामक व्यक्ति से मुलाकात की थी. बाद में इसी साल 13 मई को दानिश को भारत सरकार द्वारा ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर देश से निष्कासित कर दिया गया. पुलिस ने मामले में 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. वकील का कहना है कि यदि चार्जशीट 100 पन्नों से अधिक है, तो नए कानूनों के अनुसार इसे डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना अनिवार्य है.

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