शी जिनपिंग ने चीन बुलाकर डोनाल्ड ट्रंप की कर दी भयंकर बेइज्जती, अमेरिका को बताया गिरता हुआ देश
Donald Trump China Visit: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अमेरिका को ‘पतनशील राष्ट्र’ कहे जाने का इशारा जो बाइडेन प्रशासन की ओर था, न कि उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका की ओर. जिनपिंग ने कहा था कि अमेरिका एक गिरता हुआ देश है.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की चीन यात्रा इस समय वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ट्रंप की चीन यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। गुरुवार को बीजिंग में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक राजनीति, अमेरिका-चीन संबंधों और बदलते विश्व संतुलन पर चर्चा की। हालांकि बैठक के दौरान शी जिनपिंग की एक टिप्पणी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जिसमें उन्होंने अमेरिका को “पतन की ओर बढ़ता देश” या “गिरता हुआ राष्ट्र” बताया।
बीजिंग में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को कई विशेषज्ञ अमेरिका के लिए कूटनीतिक झटका मान रहे हैं। दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने जिनपिंग की इस टिप्पणी का विरोध करने के बजाय उसकी अलग व्याख्या पेश की। ट्रंप ने दावा किया कि शी जिनपिंग का इशारा मौजूदा अमेरिकी हालात की तरफ नहीं बल्कि पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden के कार्यकाल की ओर था। ट्रंप के मुताबिक, जिनपिंग यह कहना चाहते थे कि बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर हुई और देश को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर लंबा पोस्ट लिखते हुए बाइडेन प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब राष्ट्रपति शी ने अमेरिका को “संभवतः पतनशील राष्ट्र” कहा तो उनका इशारा “स्लीपी जो बाइडेन” और उनके चार साल के कार्यकाल के दौरान हुई नीतिगत गलतियों की तरफ था। ट्रंप ने कहा कि इस मामले में शी जिनपिंग “100 प्रतिशत सही” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडेन सरकार की खुली सीमाएं, ऊंचे टैक्स, खराब व्यापार समझौते और अपराध को लेकर कमजोर नीतियों ने अमेरिका को नुकसान पहुंचाया।
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शी जिनपिंग ने यह टिप्पणी निजी बातचीत में की थी या सार्वजनिक मंच से कही थी। चीन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में “डिक्लाइनिंग नेशन” यानी गिरते हुए राष्ट्र जैसे शब्दों का सीधा उल्लेख नहीं किया गया। लेकिन बैठक के दौरान जिनपिंग ने “थ्यूसिडिडीज ट्रैप” का जिक्र जरूर किया। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह अवधारणा उस स्थिति को दर्शाती है, जब एक उभरती शक्ति पुरानी महाशक्ति को चुनौती देती है और दोनों के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।
अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया इस समय एक बड़े मोड़ पर खड़ी है और चीन-अमेरिका संबंध तय करेंगे कि भविष्य में वैश्विक व्यवस्था किस दिशा में जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को टकराव से बचते हुए नए मॉडल के संबंध विकसित करने होंगे। जिनपिंग ने “सदी में पहले कभी न देखे गए बदलावों” का भी जिक्र किया, जिसे कई विश्लेषक अमेरिका-प्रधान विश्व व्यवस्था के कमजोर पड़ने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
वहीं ट्रंप ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका दोबारा आर्थिक और सैन्य महाशक्ति बन रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर हैं, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और दुनिया में अमेरिका की प्रतिष्ठा फिर मजबूत हो रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने और वैश्विक स्तर पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने में उनकी सरकार सफल रही है। अंत में ट्रंप ने कहा कि दो साल पहले तक अमेरिका सच में कमजोर स्थिति में था और इस बात पर वह शी जिनपिंग से सहमत हैं, लेकिन अब अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बन चुका है।






