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ईरान में कौन दे रहा है स्कूली छात्राओं ( schoolgirls)को जहर?

तेहरान: ईरान में स्कूल जाने वाली छात्राओं ( schoolgirls) को कथित तौर पर जहर दिए जाने की घटनाओं लेकर विवाद जारी है. यहां जहर खाने से हजारों छात्राओं के बीमार होने की पिछले दिनों घटी घटना के बाद मंगलवार को एक बार फिर 20 स्कूली छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी प्रांत पूर्वी अजरबैजान की राजधानी तबरीज में सांस लेने में तकलीफ के बाद लड़कियों का इलाज किया जा रहा है. समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी प्रांत पूर्वी अजरबैजान की राजधानी तबरीज में सांस लेने में तकलीफ के बाद लड़कियों का इलाज किया जा रहा है.

शहर की आपातकालीन सेवा के प्रमुख असगर जाफरी ने समाचार एजेंसी को बताया बताया, “तबरेज के एक बालिका हाई स्कूल की कई छात्राओं की हालत खराब होने की खबर मिलने के बाद आपातकालीन विशेषज्ञों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. सभी छात्राओं की हालत सामान्य है. वे ठीक हैं. नवंबर के अंत से इस तरह के मामलों की एक लहर दिखी है, जिसमें 5,000 से अधिक स्टुडेंट “अप्रिय” गंध की रिपोर्ट करने के बाद बेहोशी, मतली, सांस की तकलीफ और अन्य लक्षणों का सामना करना पड़ा था.

बच्चों के अभिभावकों में दिख रहा है गुस्सा
लगभग 230 स्कूलों में इस तरह के अस्पष्टीकृत हमलों ने विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के बीच भय और गुस्सा पैदा कर दिया है. नौरोज में दो सप्ताह की छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूलों में कक्षाएं फिर से शुरू हो गई थीं. मार्च की शुरुआत में, ईरान ने जहर देने पर 100 से अधिक गिरफ्तारियों की बात कही गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि अज्ञात अपराधियों के “शत्रुतापूर्ण” समूहों के साथ संबंध हो सकते हैं.

ईरान के 31 राज्यों के कई स्कूल बने निशाना
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने इसे ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए अपराधियों का ‘बिना किसी दया’ के पता लगाने का आह्वान किया है. ईरान में 16 सितंबर को 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दो महीने बाद जहर दिया गया था, जिसे महिलाओं के पोशाक नियमों के कथित उल्लंघन के लिए गिरफ्तार किया गया था. ताजा आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया है कि हमलों में ईरान के 31 प्रांतों में से 25 के स्कूलों को निशाना बनाया गया है.

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