टीम इंडिया में वैभव की एंट्री, उधर छोटे भाई आशीर्वाद ने शतक से लूटी महफिल
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में ही अपने धमाकेदार प्रदर्शन से टीम इडिया तक का सफर तय कर लिया है। वह जल्द ही भारतीय जर्सी में खेलते हुए नजर आएंगे। उनके छोटे भाई आशीर्वाद भी क्रिकेट खेलते हैं और सिर्फ 10 साल की उम्र में ही वह बिहार में लोकल मैच में धमाल मचा रहे हैं।
उन्होंने एक मैच के दौरान 87 गेंदों में 103 रनों की धमाकेदार पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 20 चौके और एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 118.39 का रहा। समस्तीपुर में क्रिकेट एकेडमी ताजपुर के लिए खेलते हुए आशीर्वाद ने शतक जड़ा।
वैभव इस समय श्रीलंका में ट्राई नेशन सीरीज में खेल रहे हैं, जहां श्रीलंका ए, इंडिया ए और अफगानिस्तान ए की टीमें खेल रही हैं। वैभव ने अपने छोटे भाई के प्रदर्शन की तारीफ की है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर आशीर्वाद का स्कोर शेयर करते हुए उनको बधाई दी।

वैभव की तरह उनके छोटे भाई भी क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाने की ओर बढ़ गए हैं। 15 वर्षीय को आगामी आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टी20 स्क्वॉड में जगह दी गई है। पंद्रह साल के सूर्यवंशी महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर भारत की सीनियर पुरुष टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने।
सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भी शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट में उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के माता-पिता राष्ट्रीय टीम के आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान उनके साथ रहेंगे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनके ब्रिटेन प्रवास का पूरा खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।

महज 15 वर्षीय सूर्यवंशी को हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद शनिवार को भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया था। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “बोर्ड उनके माता-पिता के सभी खर्चों का ध्यान रखेगा।
हमारा मानना है कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी के लिए परिवार का साथ होना बेहद महत्वपूर्ण है।” भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मुकाबले खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।
विश्व कप 1983 विजेता भारतीय टीम के कप्तान कपिल ने सूर्यवंशी को ‘विशेष प्रतिभा’ बताया लेकिन इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढलने के लिए समय और तालमेल बैठाने की जरूरत होगी। कपिल ने कहा, ”वह एक विशेष प्रतिभा है।
उसे समय दें लेकिन उसने निश्चित रूप से अपनी काबिलियत दिखाई है। मुझे लगता है कि वह अद्भुत है लेकिन फिर भी उसे (भारतीय टीम में) खुद को संभालना होगा, फिट रहना होगा और जब आप राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होते हैं तो कई और चीजें भी होती हैं।”

