अमेरिकी सेना ने तबाह किया IRGC का मुख्यालय( मुख्यालय)
ईरान: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। इस सैन्य अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट किया है कि वो अपने सर्वोच्च नेता की शहादत का बदला लेंगे। ईरान ने UAE सहित खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। यह स्थिति अब पूरे मध्य पूर्व को बड़े युद्ध की ओर धकेल रही है। ईरान ने दुबई एयरपोर्ट, बुर्ज खलीफा और बहरीन, कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया है। इस बीच, US मिलिट्री ने ऐलान किया है कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड फोर्स (IRGC) का हेडक्वार्टर ( मुख्यालय) तबाह कर दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ और मोसाद के हेड के साथ मीटिंग की है। उन्होंने कहा कि मैंने अभियान जारी रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। हमने तानाशाह खामेनेई को खत्म कर दिया, उसके साथ, हमने शासन के दर्जनों बड़े जुल्मी लोगों को भी खत्म कर दिया। हमारी सेना अब तेहरान के दिल पर और तेजी से हमला कर रही है और आने वाले दिनों में यह और भी बढ़ेगा। नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था कि आने वाले दिनों में हम आतंकवादी शासन के हजारों लक्ष्यों पर हमला करेंगे। हम बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाएंगे कि वे अत्याचार की जंजीरों से खुद को मुक्त कर सकें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग के बीच बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के 48 टॉप नेताओं का सफाया हो गया। ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरानी नेवी के 9 जहाज नष्ट गए हैं और डूब गए हैं। ईरान का नेवी हेडक्वार्टर भी काफी हद तक नष्ट हो गया है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि इस बार अब ईरान पर ऐसा हमला करेंगे कि जिसे पहले कभी देखा नहीं गया होगा। अमेरिका ने इस हमले में ईरान के मिलिट्री चीफ मुसावी को मार गिराया है।





