लखनऊ

CM योगी आदित्यनाथ की लीडरशिप में, उत्तर प्रदेश तेज़ी से देश का लीडिंग डिजिटल हब बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अंडर IT सेक्टर को नई रफ़्तार मिली है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया के तहत राज्य में लगभग 400 यूनिट्स रजिस्टर्ड हुई हैं। !

लखनऊ -: ( 26 दिसंबर ) -: उत्तर प्रदेश तेज़ी से देश में एक प्रमुख IT और डिजिटल हब के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लीडरशिप में प्रोग्रेसिव पॉलिसीज़ और एक मज़बूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क का असर अब ज़मीन पर साफ़ दिख रहा है। राज्य में IT कंपनियों की लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे रोज़गार, इन्वेस्टमेंट और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के नए रास्ते खुल रहे हैं। अभी, उत्तर प्रदेश में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया के तहत लगभग 400 IT कंपनियाँ रजिस्टर्ड हैं।

राज्य के IT इकोसिस्टम में स्टार्टअप्स, मिड-साइज़ फ़र्म्स और लीडिंग ग्लोबल कंपनियाँ शामिल हैं जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, IT-इनेबल्ड सर्विसेज़ (ITES), क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे डोमेन में काम करती हैं। IT एक्सपर्ट प्रदीप यादव का कहना है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के मुख्यमंत्री के साफ़ विज़न ने IT कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का आकर्षण काफी बढ़ा दिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा राज्य के सबसे बड़े IT हब के तौर पर उभरे हैं, खासकर डेटा सेंटर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सर्विसेज़ में। साथ ही, कानपुर और वाराणसी जैसे शहर तेज़ी से नए डिजिटल सेंटर के तौर पर डेवलप हो रहे हैं, जिससे बैलेंस्ड रीजनल ग्रोथ पक्की हो रही है। STPI-रजिस्टर्ड यूनिट्स IT एक्सपोर्ट को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, और एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 तक इनकी संख्या 500 को पार कर जाएगी।

माइक्रोसॉफ्ट, TCS, HCL, विप्रो, इंफोसिस, पेटीएम और एडोब जैसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स ने राज्य में अपनी मज़बूत मौजूदगी बनाई है। इसके अलावा, लगभग 90 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) चालू हैं, जो रिसर्च-लेड और हाई-एंड सर्विसेज़ दे रहे हैं। यह बढ़ता हुआ इकोसिस्टम उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए ग्लोबल लेवल के करियर के मौके खोल रहा है, जिसे सरकार की स्किल डेवलपमेंट पहलों का सपोर्ट मिल रहा है जो फोकस्ड टेक्निकल ट्रेनिंग देती हैं।

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