छींक रोकने की कोशिश की तो फट गया गला(छींक-रोकने)
लंदन. ब्रिटिश में एक व्यक्ति ने जोरदार छींक रोककर अपने गले को घायल कर लिया.एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने अपना मुंह बंद करके और दोनों नाक बंद करके छींक को दबाने (छींक-रोकने) की कोशिश की, लेकिन छींक के जोर से उसका गला फट गया. ‘स्नैप, क्रैकल, और पॉप: जब छींकने से गर्दन में कर्कश आवाज होती है’ शीर्षक वाले पेपर में दावा किया गया है कि उस व्यक्ति ने ‘नाक बंद करके और अपना मुंह बंद करके छींक को रोकने की कोशिश की थी.’
छींक रोकने की घटना के बाद व्यक्ति की गर्दन में सूजन आ गई. उनमें अजीब लक्षण दिखाई देने लगे, जिनमें निगलने में दर्द, आवाज में बदलाव, पॉपिंग की अनुभूति और गर्दन में सूजन शामिल है. इसके बाद उसने चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया. डॉक्टरों ने कहा कि हवा उनके गले के कुछ ऊतकों में फंस गई थी, जिससे उनका गला फट गया था. ग्रसनी का सहज टूटना बहुत दुर्लभ है, आमतौर पर यह उल्टी, जी मिचलाना, भारी खांसी या किसी प्रकार के आघात के कारण होता है.
छींक रोकना खतरनाक पैंतरेबाजी
गहरी गर्दन में किसी भी संक्रमण के जोखिम या प्रगति से बचने के लिए उस व्यक्ति को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था. मरीज को एक फीडिंग ट्यूब और एंटीबायोटिक्स दी गईं. दो सप्ताह के बाद वह ठीक हो गए और नरम भोजन खाना शुरू कर दिया. स्वास्थ्य संबंधी गहरी समझ रखने वाले लोगों का कहना है, ‘नाक और मुंह को बंद करके छींक को रोकना एक खतरनाक पैंतरेबाजी है और इससे बचना चाहिए.’
क्या हो सकता है नुकसान
इससे कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे कि स्यूडोमेडिस्टिनम ‘दोनों फेफड़ों के बीच छाती में फंसी हवा’, टाइम्पैनिक झिल्ली ‘छिद्रित कान के पर्दे’ का छिद्र, और यहां तक कि सेरेब्रल एन्यूरिज्म ‘मस्तिष्क में गुब्बारा रक्त वाहिका’ का टूटना.





