अब तक 105 “SIT बन चुकी हैं, जांच के नाम पर सिर्फ नौटंकी हो रही है; हम SIT के सामने खोलेंगे चंदा चोरी की पूरी पोल” संजय सिंह
लखनऊ : – ( 19 जून 2026 ) -: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज एक बेहद सनसनीखेज और दस्तावेजी खुलासा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (जिसे उन्होंने ‘ED पार्टी’ करार दिया) और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण के नाम पर अब तक की सबसे बड़ी ‘चंदा चोरी’ और लूट का आरोप लगाया है। सांसद संजय सिंह ने आधिकारिक सरकारी व रजिस्ट्री के दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए इस महाघोटाले की परतें खोलीं।
₹ 9 करोड़ की जमीन ₹55.47 करोड़ में खरीदी—यह आस्था पर डकैती है !
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने कहा, “प्रभु श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी और लूट का एक ऐसा खेल चल रहा है, जिसके सामने आ रहे तथ्यों को देखकर आँखें फटी की फटी रह जाती हैं। मेरे हाथ में अब तक की सबसे बड़ी चंदा चोरी के पुख्ता कागजात हैं। चंदा चोर चंपत राय ने आलोक बंसल, मनीष बंसल और शिवानी बंसल से शाहनवाज़पुर माझा में स्थित 117 बिस्वा (14,730 वर्ग मीटर) जमीन को ₹55 करोड़ 47 लाख 31 हजार 800 में खरीदा है, जबकि इस जमीन की वास्तविक मालियत महज ₹9 करोड़ की है।” उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी कैसे ₹2 करोड़ की सुल्तान अंसारी की जमीन को महज 5 मिनट में ₹18.5 करोड़ में खरीदकर ₹16.5 करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया, और कैसे ₹3 करोड़ की जमीन को ₹24 करोड़ में खरीदकर ₹21 करोड़ की डकैती डाली गई।
किसानों को कौड़ी, व्यापारियों को छप्परफाड़ चंदा—क्या है इस भ्रष्टाचार का गणित ?
भ्रष्टाचार के क्रोनोलॉजी को समझाते हुए AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और मोदी के ट्रस्ट ने तीर्थ क्षेत्र के बिल्कुल करीब स्थित ‘माझा बरहटा’ गाँव में किसानों की करीब 3,500 बिस्वा जमीन को ₹4,40,000 प्रति बिस्वा की दर से जबरन अधिग्रहित किया। लेकिन, तीर्थ क्षेत्र से काफी दूर स्थित शाहनवाज़पुर में ‘दरियादिल चंदा चोर’ चंपत राय ने अपने चहेते व्यापारियों को ₹47,00,000 (47 लाख) प्रति बिस्वा की दर से राम भक्तों की गाढ़ी कमाई का पैसा लुटा दिया।
”जो जमीन मंदिर के करीब है, उसका मुआवजा किसानों को सिर्फ ₹4.40 लाख दिया गया और जो दूर है उसका ₹47 लाख दिया गया। साल 2023 में खरीदी गई जमीन का दाम आसमान पर और 2024 में अधिग्रहित किसानों की जमीन का दाम पाताल में! यह खुली लूट का माल आखिर किसके-किसके हिस्से में जा रहा है, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही ? “
- प्रभु श्री राम के नाम पर ‘ED पार्टी’ (भाजपा) और चंपत राय का अब तक का सबसे बड़ा ‘चंदा चोरी’ महाघोटाला उजागर: संजय सिंह
- 9 करोड़ की जमीन को चंदा चोर चंपत राय ने ₹55.47 करोड़ में खरीदा; राम भक्तों की आस्था के पैसे से की जा रही है खुली डकैती!
- तीर्थ क्षेत्र के पास किसानों की जमीन का मुआवजा ₹4.40 लाख प्रति बिस्वा, लेकिन दूर शाहनवाज़पुर में चंपत राय के करीबियों को ₹47 लाख प्रति बिस्वा की दर से लुटाया जा रहा है पैसा।
- चंदा चोरी के सारे सरकारी दस्तावेज आधिकारिक रूप से SIT को सौंपेंगे सांसद संजय सिंह
- SIT जांच के नाम पर 15 दिन का समय मांगकर महाघोटाले पर पर्दा*डालना चाहती है सरकार, हम समय लेकर अधिकारियों को सौंपेंगे एक-एक पुख्ता सबूत: संजय सिंह
- अयोध्या से नागपुर (RSS मुख्यालय) तक बनाया जाए ‘टोल-फ्री माल लूट एक्सप्रेस-वे’: संजय सिंह का करारा तंज
- वोट चोर ज्ञानेश कुमार की ‘चंदा चोरी’ में भूमिका की हो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में समयबद्ध जांच, बेईमानों को तुरंत भेजा जाए जेल
- अब तक 105 “SIT बन चुकी हैं, जांच के नाम पर सिर्फ नौटंकी हो रही है; हम SIT के सामने खोलेंगे चंदा चोरी की पूरी पोल”_संजय सिंह
अयोध्या से नागपुर’ तक बने टोल-फ्री माल लूट एक्सप्रेस-वे: संजय सिंह
देश के प्रधानमंत्री और RSS प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर सीधा प्रहार करते हुए संजय सिंह ने कहा, “इस देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के दान को दिन-दहाड़े लूटा जा रहा है, लेकिन ‘ED पार्टी’ के मुखिया नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं फूटता। RSS प्रमुख का एक बयान नहीं आता। अगर आप वाकई राम भक्त हैं, तो इस लूट पर चुप क्यों हैं? मेरी तो मांग है कि प्रधानमंत्री जी, अयोध्या से सीधे नागपुर (RSS मुख्यालय) तक एक ‘टोल-फ्री एक्सप्रेस-वे’ बना दीजिए, ताकि मंदिर का चंदा लूटकर सीधे नागपुर पहुँचाया जा सके।”
वोट चोर ज्ञानेश कुमार की भूमिका की हो जांच, SIT की नौटंकी बंद करे सरकार
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे इस महाघोटाले के सारे साक्ष्य आधिकारिक रूप से समय मांगकर SIT को सौंपने जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आशंका जताई कि जांच शुरू होने से पहले ही निपेंद्र मिश्रा द्वारा चंपत राय को क्लीन चिट दे देना इस बात का सबूत है कि सरकार इस घोटाले पर पर्दा डालना चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया, “साल 2020 से 2024 तक ट्रस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के प्रतिनिधि के तौर पर नौकरशाह ज्ञानेश कुमार तैनात थे, जिनकी जिम्मेदारी भूमि सौदों और प्रशासनिक समन्वय की थी। जो ज्ञानेश कुमार आज देश भर में ‘वोट की चोरी’ करवा रहे हैं, उन्होंने ही पहले ट्रस्ट में रहकर इस ‘चंदा चोरी’ के खेल को संरक्षण दिया। इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में समयबद्ध (Time-bound) जांच होनी चाहिए और चंपत राय सहित तमाम बेईमानों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।” संजय सिंह ने साफ किया कि उन्होंने अपने आधिकारिक ईमेल आईडी से प्रदेश के DGP, अयोध्या के SSP और संबंधित SHO को लिखित शिकायत भेजकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है ।