यूक्रेन ( Ukraine )के इन 3 हथियारों ने रूस को दिया बेइंतहा दर्द
रूस-यूक्रेन जंग: रूस-यूक्रेन जंग को 1 साल पूरे हो गए हैं. दोनों देशों के बीच युद्ध अभी तक जारी है. यूक्रेन की धरती पर मिसाइलों की ताबड़तोड़ बरसात अब भी हो रही है, लेकिन यूक्रेन ( Ukraine ) अपने कई एडवांस हथियारों की वजह से रूस का सामना आसानी से कर पा रहा है. वहीं माना जा रहा है कि दोनों देशों में हताहतों की संख्या लगभग 3 लाख है. शुरू के महीनों में रूस ने यूक्रेन को दहशत में लाने के लिए राजधानी कीव और खारकीव शहर में भयंकर तबाही मचाई, यूक्रेन में हो रही मिसाइल स्ट्राइक से कई हजार नागरिक हताहत हुए. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले साल सितंबर में लामबंदी का आदेश दिया, जिसके लिए 3 लाख सैनिकों को युद्ध के लिए बुलाया जाना था. पश्चिम को रूस-यूक्रेन मामले पर दखल देने को लेकर राष्ट्रपति पुतिन ने परमाणु हमले की धमकी दी है.
यह M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) है.
यूक्रेन की सेना ने रूस के साथ हुए युद्ध में HIMARS का काफी उपयोग किया. 5 नवंबर को यूक्रेन के उत्तरी खेरसॉन क्षेत्र से यूक्रेनी सेना ने HIMARS से रॉकेट दागा.
यह जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइल है. जेवलिन एक फायर एंड फॉरगेट मिसाइल है क्योंकि मिसाइल को शॉट करने के बाद संचालक अपना कवर लेने में सक्षम रहता है. इस मिसाइल को गुरिल्ला युद्ध में इस्तेमाल किया जाता है. यह मिसाइल डे और नाइट विजन साइट से लैस होती है और अपने लक्ष्य को साधने के लिए वह इंफ्रा रेड तकनीक का इस्तेमाल करता है.
वहीं रूस की इस्कंदर मिसाइल, रूसी टीयू-93 बम, रूसी कैलिबर क्रूज मिसाइल, हाइपरसोनिक मिसाइल ‘किंझल’ और ईरान निर्मित कामिकाजी ड्रोन ने यूक्रेन की धरती पर भारी तबाही मचाई है.





