गढ़मुक्तेश्वर में अवैध प्लॉटिंग का मकड़जा , निवेश या बर्बादी?क्या आप भी गंगा किनारे अपने सपनों का आशियाना ढूंढ रहे हैं? !

हापुड़ – : उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ हापुड़ जिले में तहसील गढ़मुक्तेश्वर में अवैध प्लॉटिंग का मकड़जाल: निवेश या बर्बादी?क्या आप भी गंगा किनारे अपने सपनों का आशियाना ढूंढ रहे हैं? सावधान! जिसे आप सुनहरा निवेश समझ रहे हैं, वो आपके जीवन भर की कमाई को डूबो सकता है। तहसील गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट के आसपास इन दिनों अवैध प्लॉटिंग का कारोबार चरम पर है। प्रॉपर्टी डीलर आपको दिल्ली-NCR से पास, NH-9 की कनेक्टिविटी और गंगा के दीदार का लालच देकर कृषि भूमि (Agricultural Land) पर प्लॉट बेच रहे हैं।”हकीकत ये है कि इनमें से अधिकतर कॉलोनियाँ ‘हापुड़ पिलखवा विकास प्राधिकरण’ (HPDA) से अप्रूव्ड नहीं हैं। हाल ही में प्रशासन ने ऐसी कई अवैध साइट्स पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया है।
भू-माफिया भोले-भाले खरीदारों को फंसाकर गायब हो जाते हैं, और पीछे बचता है तो सिर्फ मलबे का ढेर और कानूनी नोटिस।”ऐसे में भूमाफिया हाजी राशिद गढमुक्तेशवर में अवैध प्लाट काटने के नये आयाम स्थापित करने में लगे हैं। आलम यह है कि यह सब एचपीडीए की नाक के नीचे हो रहा है।”प्लॉट खरीदने से पहले ये 3 बातें जरूर जांचें:HPDA अप्रूवल: क्या उस जमीन का लेआउट प्रशासन से पास है?लैंड यूज: क्या वो जमीन आवासीय (Residential) है या अभी भी सरकारी कागजों में कृषि भूमि है?143 की कार्रवाई: क्या उस जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन (Section 143) हो चुका है?” “सस्ते के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई माफियाओं के हाथ में न दें। गढ़मुक्तेश्वर में निवेश करने से पहले प्राधिकरण के दफ्तर जाकर जमीन की असलियत पता करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।पंडित मुरलीधर समाज पत्रकार
