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Rohtak Organ Donation: 16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर के अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन

PGIMS रोहतक में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनी चंडीगढ़ भेजी गई, लिवर दिल्ली में दो मरीजों को होगा प्रत्यारोपण

Haryana:हरियाणा के Rohtak स्थित Pandit Bhagwat Dayal Sharma University of Health Sciences एवं PGIMS Rohtak में 16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर के अंगदान ने मानवता की मिसाल पेश की है। इस महादान से छह जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने जा रहा है।

ग्रीन कॉरिडोर के जरिए चंडीगढ़ पहुंचाई गई किडनी

अंगदान प्रक्रिया के तहत ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक किडनी Chandigarh स्थित कमांड अस्पताल भेजी गई, जहां इसे सेना के एक जवान की पत्नी को प्रत्यारोपित किया जाएगा।
सेना के जवान हेलीकॉप्टर के माध्यम से किडनी लेने पहुंचे। PGIMS Rohtak ट्रॉमा सेंटर से Baba Mastnath University तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जहां हेलीकॉप्टर पहले से तैयार था। किडनी को दोपहर 2:36 बजे रोहतक से भेजा गया और 4:10 बजे चंडीगढ़ पहुंचा दिया गया।

लिवर और आंखों से भी मिलेगी नई जिंदगी

दूसरी किडनी PGIMS रोहतक में ही एक मरीज को प्रत्यारोपित की जाएगी।
किशोर की उम्र कम होने के कारण उसका लिवर दो हिस्सों में प्रत्यारोपण योग्य था, जिसे Delhi भेजा गया। यहां एक बच्चे और एक वयस्क मरीज को इससे जीवनदान मिलेगा।
इसके अलावा, दोनों आंखों के कॉर्निया रोहतक में दो अन्य मरीजों के लिए सुरक्षित किए गए हैं।

विशेषज्ञ टीम ने पूरी की प्रक्रिया

शनिवार सुबह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के तहत अंग निकाले। इसके बाद हरियाणा राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के समन्वय से अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाया गया।

परिवार के फैसले को मिली सराहना

Dr. H.K. Aggarwal और Dr. S.K. Singhal ने बताया कि शोक में डूबे परिवार ने अपने बेटे की स्मृति को अमर बनाने के लिए अंगदान का निर्णय लिया, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

सड़क हादसे के बाद हुआ ब्रेन डेड

जानकारी के अनुसार, समालखा के पास सड़क दुर्घटना में घायल किशोर को PGIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद 24 अप्रैल को उसे ब्रेन डेड घोषित करना पड़ा, जिसके बाद परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दी।

एक महीने में तीसरा सफल अंगदान

Dr. Sukhbir Singh ने बताया कि पिछले एक महीने में PGIMS रोहतक में यह तीसरा सफल अंगदान है, जो हरियाणा के सरकारी संस्थानों के लिए बड़ी उपलब्धि है।

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