खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची

लुधियाना (पंजाब):सूरजमुखी तेल के आयात में भारी गिरावट आई है, जो फरवरी में लगभग 51 प्रतिशत तक कम हो गया। आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और लगातार बढ़ती कीमतें इसकी मुख्य वजह हैं। युद्ध के कारण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही और डिलीवरी पर असर पड़ा है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले एक महीने में 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक का उछाल दर्ज किया गया है। कारोबारियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कीमतों में और तेजी बनी रह सकती है।कारोबारियों के अनुसार युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इससे बायोडीजल की मांग बढ़ी है, जिसके कारण वनस्पति तेलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60 से 66 प्रतिशत खाद्य तेल आयात करता है। सामान्य तौर पर देश हर महीने 13 से 14 लाख टन आयात करता है, लेकिन मार्च में यह घटकर करीब 11 लाख टन रहने का अनुमान है

