उत्तर प्रदेश

पाक्सो पीड़ित बच्चों के पुनर्वास पर पीयू की सराहनीय पहल टीम ने बच्चों से सीधा संवाद कर उनकी रूचियों को जाना !

जौनपुर -:  राजभवन सचिवालय, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की एक उच्च स्तरीय टीम ने मंगलवार को गाजीपुर जनपद के राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन एवं बाल कल्याण के प्रति जागरूकता अभिवृद्धि के उद्देश्य से की गई।
भ्रमण का मुख्य लक्ष्य पीड़ित बच्चों (पॉक्सो अधिनियम एवं अन्य बाल अपराधों के अंतर्गत संरक्षणाधीन) की जीवनशैली, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन करना था। टीम ने पाया कि संरक्षण गृह राज्य सरकार एवं समाज कल्याण विभाग के सहयोग से उत्कृष्ट रूप से संचालित हो रहा है। यहां आयु-आधारित आवासीय व्यवस्था, मुक्त विद्यालय प्रणाली से शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण, नियमित स्वास्थ्य जांच, मनोवैज्ञानिक परामर्श, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां एवं पुस्तकालय जैसी समग्र सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टाफ की संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण सराहनीय रहा।

टीम ने बच्चों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी रुचियों, दैनिक जीवन एवं भविष्य की आकांक्षाओं को जाना। इस अनुभव ने विश्वविद्यालय को बाल पुनर्वास में सक्रिय भूमिका निभाने के अवसर प्रदान किए। भ्रमण से यह स्पष्ट हुआ कि ऐसी संस्थाएं समाज के वंचित वर्गों के लिए सुरक्षा, शिक्षा एवं सामाजिक पुनर्स्थापन का मजबूत आधार हैं। भ्रमण का नेतृत्व अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने किया। उनके साथ डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय (सहायक आचार्य, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग) एवं डॉ. शिव कुमार (सहायक आचार्य, मनोविज्ञान विभाग, राजकीय महिला महाविद्यालय, गाजीपुर) उपस्थित रहे। जिला परिवीक्षा अधिकारी संजय सोनी एवं उनकी टीम ने व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय इस प्रकार की पहलों के माध्यम से सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करने एवं बाल कल्याण में योगदान देने के प्रति कटिबद्ध है।

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