इमरान खान ( Imran Khan)से पल्ला छुड़ाने लगे पार्टी नेता?
इस्लामाबाद. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan) की गिरफ्तारी के बाद 9 मई को हुई हिंसा के मद्देनजर कई बड़े नेता पार्टी छोड़ते नजर आ रहे हैं. वहीं स्थानीय सूत्रों ने बताया कि शाह महमूद कुरैशी और फवाद चौधरी जैसे पार्टी के प्रमुख नेता भी सियासी मैदान से लापता हैं और पिछले 8 दिनों से उन्हें कहीं देखा नहीं गया है.
पीटीआई से हाल के दिनों में नाता तोड़ने वाले नेताओं में एक बड़ा नाम पूर्व संघीय मंत्री और वरिष्ठ पीटीआई नेता शिरीन मजारी का है. 72 वर्षीय मजारी को 12 मई के बाद से चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है. चौथी बार जेल से रिहा होने के बाद पीटीआई छोड़ने की यह घोषणा की. पुलिस ने 12 मई को उन्हें उनके आवास से पकड़कर जेल भेजा था. खान के शासन में वह 2018 से 2022 तक मानवाधिकार मंत्री रही थीं.
इस बीच, इमरान खान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार उनकी पार्टी को कुचलने की कोशिश कर रही है, जिससे कि वे चुनाव नहीं लड़ सके.
9 मई के बाद इन नेताओं ने तोड़ लिया PTI से नाता
डॉ. शिरीन मजारी, पूर्व केंद्रीय नेताअमीर महमूद कियानी, पूर्व संघीय मंत्री मलिक अमीन असलम, पूर्व सलाहकारसंजय गंगवानी, प्रांतीय विधानसभा के सदस्य (एमपीए) करीम बक्स गैबोल, एमपी डॉ. इमरान शाह, एमपीए डॉ. हिशाम इनामुल्लाह, एमपीए नसरीन खट्टक, एमपीए सईद उल हसन शाह, एमपीए अब्दुल रज्जाक खान नियाजी, एमपीए मुहम्मद अशरफ खान, एमपीए मुहम्मद आउन हमीद, एमपी सरदार कैसर अब्बास खान मगसी, एमपीए अब्दुल हई दस्ती, एमपीएमलिक मुज्तबा मैतला, एमपीए नियाज हुसैन खान, एमपीए
मियां अलमदार अब्बास कुरैशी, एमपीए सरदार कैसर अब्बास खान मगसी, एमपी मुहम्मद सज्जाद चीना, एमपीए जहीरुद्दीन खान, एमपी अब्दुल रज्जाक खान नियाजी, एमपीए
महमूद मौलवी, नेशनल असेंबली के सदस्य (MNA) आफताब हुसैन सिद्दीकी, एमएनए
उस्मान तारकई, एमएनए मलिक जवाद हुसैन, एमएन मुबीन खिलजी, एमएनए
फैजुल्लाह कमोका, एमएनए/पश्चिम पंजाब अध्यक् अजमल वजीर, पूर्व सलाहकार
डॉ. मुहम्मद अमजद, अपर सचिव सूचना जय प्रकाश, पीटीआई अल्पसंख्यक नेत चौधरी वजाहत हुसैन, पीटीआई नेता सलमान कुरैशी, पीटीआई नेत सैयद जुल्फिकार अली शाह, पीटीआई नेता मूसा इलाही, पीटीआई नेता मियां जलील शराकपुरी, पीटीआई नेता
पाकिस्तान रेंजर्स ने इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में 9 मई को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के परिसर से गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसक विरोध शुरू हो गया था. उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई बिल्डिंग सहित एक दर्जन से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. वहीं भीड़ ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी हमला कर दिया था.
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि 9 मई की हिंसा और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा सरकारी संस्थानों पर हमले में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर इस्लामाबाद में एक बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा कि ‘दंगाई’ कानून से बच नहीं पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय लिया गया है कि नौ मई की हिंसा में संलिप्त लोगों और इसे भड़काने वालों को कानून एवं संविधान के अनुसार दंडित किया जाएगा.’





