बेटियों(daughters) के प्यार में शख्स ने बदल लिया ‘जेंडर’,
मां अपने बच्चों : मां अपने बच्चों को कितना प्यार (daughters) करती है और उनके लिए किस स्तर तक जा सकती है, इसकी तमाम कहानियां आपने सुनी होंगी लेकिन किसी पिता के प्यार की हद क्या हो सकती है? आपने शायद ही कभी इस बारे में सोचा हो कि तलाक के वक्त बच्चों को लेकर बाप के दिल में क्या चल रहा होता है. हम ये बात इससलिए कह रहे हैं क्योंकि एक्वाडोर के रहने वाले एक पिता ने अपनी बच्चियों की कस्टडी पाने के लिए वाकई हद पार कर दी.
ज्यादातर देशों में तलाक के केसेज़ में बच्चों की कस्टडी को लेकर कानून मां को वरीयता देता है. कुछ ऐसा ही एक्वाडोर में भी है. ऐसे में यहां के रहने वाले एक शख्स ने अपनी बच्चियों की कस्टडी हासिल करने के लिए अपना जेंडर ही बदल लिया. बाप बनकर शायद उसे कस्टडी नहीं मिलती, इसलिए वो मां बन गया. ये मामला सुर्खियों में है क्योंकि शख्स का जेंडर जैविक नहीं बल्कि लीगली बदला गया है, यानि वो दस्तावेज़ों में महिला है लेकिन वास्तव में एक पुरुष.
बेटियों के प्यार में ये कैसा कदम!
रेने नाम के शख्स की दो बेटियां हैं, जो अपनी मां के साथ रहती हैं. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक रेने ने अपनी बडी बेटी को डेढ़ साल से नहीं देखा है, जबकि उसकी छोटी बेटी शारीरिक प्रताड़ना का शिकार है. उसने जब कानूनी तौर पर उनकी कस्टडी लेने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि मां के रहते हुए ऐसा होना काफी मुश्किल है. ऐसे में रेने ने पिछले हफ्ते ही सिविल रजिस्ट्री ऑफिस जाकर अपने परिचय पत्र पर अपना सेक्स महिला के तौर पर दर्ज करा लिया. उनका कहना है कि अब वे भी मां हैं. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें कस्टडी मिलनी चाहिए.
‘अब तो मैं भी मां हूं’
रेने ने El Universo से बात करते हुए कहा कि कानून हमसे पैरेंटिंग का अधिकार छीन रहा है. उन्हें लगता है कि पुरुष सिर्फ चीज़ें प्रोवाइड करने के लिए हैं और मां को हमेशा बच्चों की देखभाल से जोड़ा जाता है. यहां परिस्थितियां नहीं देखी जाती हैं. अब अपना जेंडर दस्तावेज़ों में बदलने के बाद वे उम्मीद करते हैं कि उन्हें भी इसी तरह देखा जाए और उन्हें बच्चों की कस्टडी देने के लिए बराबर का अधिकार मिले.





